Close Menu
  • Home
  • Comics
  • Featured
  • Hindi Comics World
  • Trending
  • Blog
  • Spotlight
  • International

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from Comics Bio about art, design and business.

What's Hot

सो जा नागराज रिव्यू: जब नागराज को हराने उतरी उसकी अपनी ही नींद!

11 February 2026

So Ja Nagraj Review: When Sleep Becomes the Deadliest Enemy of a Superhero

11 February 2026

Indra vs Cactus: A Dark, Intelligent 90’s Manoj Comics Classic That Mixed Action, Espionage & Social Message

11 February 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
comicsbio.comcomicsbio.com
Subscribe
  • Home
  • Comics
  • Featured
  • Hindi Comics World
  • Trending
  • Blog
  • Spotlight
  • International
comicsbio.comcomicsbio.com
Home » “Dracula Series Part-1: जब ध्रुव का सामना हुआ अमर राक्षस से — क्या विज्ञान हरा पाएगा ड्रैकुला की दहशत?”
Hindi Comics World Updated:11 December 2025

“Dracula Series Part-1: जब ध्रुव का सामना हुआ अमर राक्षस से — क्या विज्ञान हरा पाएगा ड्रैकुला की दहशत?”

सुपर कमांडो ध्रुव बनाम काउंट ड्रैकुला — विज्ञान, तंत्र, हॉरर और एक महाकाव्य लड़ाई की रोमांचक कहानी
ComicsBioBy ComicsBio11 December 2025Updated:11 December 2025211 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Reddit Email
ड्रैकुला का हमला कॉमिक समीक्षा | जब ध्रुव भिड़ा अमर राक्षस से | Raj Comics Horror Classic
सुपर कमांडो ध्रुव की सबसे भयानक लड़ाइयों में से एक — ड्रैकुला के आतंक के सामने विज्ञान की जीत
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

सुपर कमांडो ध्रुव को हमेशा ऐसे सुपरहीरो के रूप में जाना जाता है जिसके पास कोई अलौकिक शक्तियां (superpowers) नहीं हैं। वह अपनी समझदारी, वैज्ञानिक सोच और शारीरिक क्षमता के सहारे कितने भी बड़े खतरे का सामना कर लेता है। लेकिन जब उसका सामना ऐसे दुश्मन से हो जाए जो विज्ञान के नियमों से बाहर हो, जो सदियों से जिंदा हो और जिसे मार पाना लगभग नामुमकिन हो—तो क्या होता है? “ड्रैकुला का हमला“ इसी सवाल का जवाब देती है।

यह कॉमिक राज कॉमिक्स के इतिहास में एक बड़ा मोड़ साबित हुई, क्योंकि इसने ध्रुव की दुनिया में पहली बार हॉरर और सुपरनैचुरल चीजें जोड़ दीं। काउंट ड्रैकुला, जो पश्चिमी कहानियों का बहुत मशहूर विलेन है, उसका भारतीय कॉमिक्स में आना एक बड़ा और साहसी प्रयोग था—और यह पूरी तरह सफल रहा।

‘ड्रैकुला का हमला’ एक ऐसा विशेषांक है जो हॉरर (Horror) और सुपरहीरो एक्शन का शानदार मिश्रण है। यह कॉमिक न सिर्फ ध्रुव को एक अमर और दंतकथाओं वाले राक्षस ‘ड्रैकुला’ के सामने खड़ा करती है, बल्कि इसमें ‘नागराज’ के दुश्मन ‘नागपाशा’ और ‘गुरुदेव’ की मौजूदगी इसे राज कॉमिक्स के बड़े ब्रह्मांड (Universe) से जोड़ देती है। 25 रुपये की यह कॉमिक अपने समय में एक तरह से ब्लॉकबस्टर कहानी जैसी थी।

कथानक और कहानी का विस्तार (Plot and Story Arc)

कहानी की शुरुआत बहुत ही डराने वाले और रोमांच से भरे एक दृश्य से होती है। एक भूखा पिशाच, काउंट ड्रैकुला, अपने शिकार की तलाश में घूम रहा है। वह एक सोती हुई लड़की के कमरे में घुसता है, लेकिन यह उसके लिए जाल निकलता है। वह लड़की असल में एक पुतला होती है। ‘वैम्पायर उन्मूलन समिति’ (Vampire Eradication Committee) के सदस्य डोलन और पादरी वहीं मौजूद होते हैं।

ड्रैकुला को यकीन है कि वह अमर है और उस पर न क्रॉस असर करेगा, न लहसुन—क्योंकि उसे गैब्रियल का वरदान मिला है कि उसे केवल एक खास संत की हड्डियाँ ही मार सकती हैं।
यहीं कहानी में एक बहुत दिलचस्प मोड़ आता है। समिति के पास ‘संत यूलोजीयन’ की हड्डियाँ होती हैं, जिन्हें हाल ही में संत की उपाधि मिली थी। उन हड्डियों का ढांचा अचानक जीवित हो जाता है और ड्रैकुला को पकड़ लेता है, जिससे वह धूल बनकर बिखर जाता है।

नागपाशा और गुरुदेव का षड्यंत्र:
कहानी अब वर्तमान में लौटती है, जहाँ नागपाशा और उसका गुरुदेव ड्रैकुला की धूल को दोबारा जिंदा करने की योजना बना रहे हैं। उनका मकसद है कि ड्रैकुला को अपनी सेना में शामिल कर लें, ताकि वह नागराज को हरा सकें। दोनों रोमानिया में स्थित ड्रैकुला के पुराने किले में पहुँचते हैं। यहाँ यह भी पता चलता है कि नागपाशा ‘अमर’ है, जो आगे कहानी में बहुत बड़ा रोल निभाता है।

लोरी और मार्क का संघर्ष:
किले के पास ‘लोरी’ (जो संत यूलोजीयन की वंशज है) और उसका मंगेतर ‘मार्क’ मौजूद हैं। नागपाशा और गुरुदेव की तांत्रिक शक्तियों की वजह से किले की रक्षा करने वाले जादुई जीव जाग जाते हैं—जैसे ‘पंखधारी भेड़िया’ (Wolf Vampire)।

एक बहुत ही खौफनाक सीन में भेड़िया नागपाशा को निगल जाता है, लेकिन नागपाशा अपनी अमर शक्ति के कारण अपने शरीर को दोबारा जोड़कर बाहर निकल आता है और उस भेड़िये को चीर देता है। यह हिस्सा नागपाशा की खतरनाक ताकत का पूरा अहसास कराता है।

ड्रैकुला का पुनर्जन्म:
गुरुदेव की योजना आखिरकार सफल होती है। वे लोरी का इस्तेमाल करके ड्रैकुला के सीने में धंसे ‘अस्थि क्रॉस’ (Bone Cross) को निकालने की सोचते हैं, लेकिन अंत में नागपाशा का ‘अमृत-मिश्रित खून’ ड्रैकुला की धूल पर गिर जाता है।
इससे ड्रैकुला दोबारा जीवित हो जाता है। और सबसे हैरान करने वाली बात यह निकलती है कि नागपाशा के खून की वजह से ड्रैकुला अब पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर हो चुका है। अब उस पर सूरज की रोशनी या आम क्रॉस का कोई असर नहीं होता।

ध्रुव का आगमन:
लोरी, जो एक ‘साधिका’ है, अपनी मानसिक शक्तियों से ध्रुव को मदद के लिए बुलाती है। ध्रुव, जो उस समय राजनगर में गुंडों की धुनाई कर रहा होता है, अचानक एक अदृश्य शक्ति से खिंचकर सीधा रोमानिया पहुँच जाता है।
यह हिस्सा थोड़ा फंतासी (Fantasy) वाला है, लेकिन कहानी को आगे बढ़ाता है और उतना ही रोमांचक बनाता है।

ध्रुव के आते ही उसे कई तरह की अजीब और खतरनाक मुसीबतों का सामना करना पड़ता है:

एक्वा वैम्पायर (Aqua Vampire): यह पानी का एक डरावना दैत्य है, जो पानी में लगभग अजेय है। ध्रुव अपनी समझदारी दिखाते हुए लकड़ी के लट्ठों को जोड़कर एक पाइप जैसा ढांचा बना लेता है और उसे सांस लेने से रोक देता है, जिससे वह वैम्पायर खत्म हो जाता है।

भेड़िया वैम्पायर (Wolf Vampire): ध्रुव यह समझ लेता है कि इन वैम्पायरों को केवल उनके अपने ही शरीर के अंगों से मारा जा सकता है। इसी बात का फायदा उठाते हुए वह भेड़िये के नुकीले दांतों का उपयोग करके उसी के पिंजरे को तोड़ देता है।

राजनगर में तबाही: ड्रैकुला देख लेता है कि लोरी को मारना आसान नहीं है, क्योंकि ध्रुव उसकी रक्षा कर रहा है। इसलिए वह ध्रुव का ध्यान हटाने के लिए अपने सबसे खतरनाक सेवक ‘फ्रैंकेस्टीन’ (Frankenstein) को राजनगर भेज देता है। फ्रैंकेस्टीन, जो मुर्दों के अलग-अलग अंगों से बना है, शहर में भयानक तबाही मचा देता है। वह चर्च को पूरी तरह मलबे में बदल देता है।

ध्रुव जब वापस राजनगर लौटता है, तो उसे पता चलता है कि फ्रैंकेस्टीन जमीन से ‘अर्थ ऊर्जा’ (Static/Earth Energy) सोख रहा है। ध्रुव अपनी फुर्ती और समझदारी का इस्तेमाल करके उसे हवा में उठा देता है ताकि उसका धरती से संपर्क टूट जाए — और इसी से वह हार जाता है।

चरम सीमा (Climax):

कहानी का अंत सबसे ज्यादा रोमांच से भरा है। ड्रैकुला खुद राजनगर पहुँचता है और एक-एक कर लोगों को वैम्पायर बनाना शुरू कर देता है। चंदिका (ध्रुव की बहन/सहयोगी) भी उसकी चपेट में आकर वैम्पायर बन जाती है। हालात पूरी तरह हाथ से निकलने लगते हैं।
पादरी और ध्रुव एक खास योजना बनाते हैं। ड्रैकुला को मारने का सिर्फ एक तरीका है—‘अस्थि क्रॉस’, जो संत यूलोजीयन के वंशज (लोरी) की हड्डियों से बना होना चाहिए। लेकिन लोरी अभी जिंदा है।
यहीं ध्रुव एक बेहद चतुर चाल चलता है। लोरी को कुछ पल के लिए ‘क्लिनिकली डेड’ (Clinically Dead) किया जाता है—मतलब उसकी धड़कन कुछ समय के लिए रोक दी जाती है। फिर उसके दांतों से बना एक छोटा क्रॉस जिलेटिन के कैप्सूल में रखकर ड्रैकुला को धोखे से खिला दिया जाता है (या उसके शरीर में डाला जाता है)।

क्योंकि उस समय लोरी ‘मृत’ स्थिति में थी, इसलिए उसके दांत संत की हड्डियों जैसा असर दिखाते हैं—और इसी से ड्रैकुला खत्म हो जाता है।

पात्र विश्लेषण (Character Analysis)

सुपर कमांडो ध्रुव: इस कॉमिक में ध्रुव अपनी पूरी चमक पर है। वह सिर्फ शारीरिक ताकत से नहीं, बल्कि विज्ञान और समझदारी से हर मुश्किल को संभालता है।
वैज्ञानिक सोच: फ्रैंकेस्टीन से भिड़ते समय वह जादू जैसा कुछ सोचकर नहीं डरता, बल्कि तुरंत समझ जाता है कि यह ‘स्टेटिक इलेक्ट्रिक चार्ज’ का मामला है। एक्वा वैम्पायर से लड़ते समय पाइप बनाने का आइडिया उसकी तेज दिमागी को पूरी तरह दिखाता है। ध्रुव यह सुनिश्चित करता है कि लोरी की जान न जाए, चाहें पादरी उसे बलिदान देने की सलाह क्यों न दे रहे हों।

ड्रैकुला: लेखक ने ड्रैकुला को सिर्फ एक राक्षस नहीं दिखाया, बल्कि एक घमंडी, चालाक और खुद को सबसे ऊपर समझने वाले विलेन की तरह पेश किया है। नागपाशा का खून पीने के बाद उसकी ताकत कई गुना बढ़ जाती है और वह “सुपर वैम्पायर” बन जाता है।
लेकिन उसका अहंकार ही उसकी हार का कारण बनता है—वह ध्रुव को बस एक “साधारण इंसान” समझने की गलती कर बैठता है।

नागपाशा और गुरुदेव: ये दोनों इस कॉमिक के असली mastermind हैं। भले ही वे सीधे ध्रुव से नहीं भिड़ते, लेकिन कहानी में उनकी मौजूदगी लगातार ये महसूस कराती है कि खतरा कितना बड़ा है। नागपाशा का अमर होना और उसका शरीर बार-बार जुड़ जाना कहानी में डर और रहस्य दोनों बढ़ाता है। उनका असली मकसद सिर्फ ड्रैकुला को जिंदा करके उसे नागराज के खिलाफ इस्तेमाल करना है।

लोरी: लोरी इस कॉमिक में एक मजबूत और हिम्मती महिला किरदार के रूप में उभरती है। वह सिर्फ एक “कमजोर लड़की” नहीं है जिसे बचाया जाना हो—बल्कि वह एक ‘साधिका’ है जिसकी मानसिक ताकतें ड्रैकुला के सेवकों को रोकने में मदद करती हैं। कहानी के अंत में वह खुद को खतरे में डालकर ध्रुव की योजना पूरा करने में बड़ा योगदान देती है।

फ्रैंकेस्टीन: यह किरदार क्लासिक हॉरर की याद दिलाता है। अनुपम सिन्हा ने इसे बेहद विशाल, डरावना और खतरनाक बनाया है। इसका शरीर अलग-अलग हिस्सों से बना होने के बावजूद इसका बार-बार हमला करते रहना इसे ध्रुव के लिए एक चुनौतीपूर्ण दुश्मन बना देता है।

कला और चित्रांकन (Art and Illustration)

राज कॉमिक्स की सफलता में अनुपम सिन्हा की कला का बड़ा योगदान है, और ‘ड्रैकुला का हमला’ इसका बेहतरीन उदाहरण है।

रोमानिया के किले, घने जंगल और पुराने चर्चों का चित्रण बहुत खूबसूरती और बारीकी से किया गया है। पृष्ठ 14 पर ड्रैकुला के किले का दृश्य बेहद डरावना और रहस्यमय लगता है।
एक्शन दृश्य: ध्रुव की एक्रोबेटिक्स और लड़ाई के सीन में शानदार मूवमेंट दिखता है। पृष्ठ 39 पर ध्रुव का मोटरसाइकिल स्टंट और पृष्ठ 54 पर फ्रैंकेस्टीन के साथ मुकाबला जबरदस्त तरीके से बनाया गया है।

सुनील पाण्डेय द्वारा किया गया रंग संयोजन (Coloring) कहानी के माहौल के साथ बिल्कुल मेल खाता है। रात वाले दृश्यों में गहरे नीले और काले रंग का उपयोग, और खून के लिए तेज लाल रंग—ये सब मिलकर एक दमदार डरावना माहौल बना देते हैं।
पात्रों के भाव: ड्रैकुला के चेहरे पर दिखाई गई क्रूरता और ध्रुव के चेहरे का आत्मविश्वास बहुत ही खूबसूरती से बनाया गया है।

मुख्य विषय और तत्व (Themes and Elements)

विज्ञान बनाम जादू (Science vs. Magic): ध्रुव की कहानियों का यह हमेशा से एक बड़ा थीम रहा है। यहाँ भी ड्रैकुला और उसके साथी तंत्र-मंत्र और जादू का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि ध्रुव पूरी तरह विज्ञान के भरोसे रहता है—चाहे वह भौतिक विज्ञान हो या जीव विज्ञान। उदाहरण के तौर पर, फ्रैंकेस्टीन को हराने के लिए ‘अर्थिंग’ (Earthing) का सिद्धांत इस्तेमाल करना।

त्याग और प्रेम: लोरी और मार्क की प्रेम कहानी इस कॉमिक का भावनात्मक हिस्सा है। मार्क बार-बार अपनी जान की परवाह किए बिना लोरी को बचाने की कोशिश करता है। वहीं लोरी भी दुनिया को बचाने के लिए अपनी जान तक दांव पर लगाने को तैयार हो जाती है।

बुराई का अंतहीन चक्र: कहानी के अंत में नागपाशा और गुरुदेव हार मानते हुए नहीं दिखते। वे फिर से ड्रैकुला को जीवित करने की योजना बनाते हैं। यह दिखाता है कि बुराई एक बार खत्म नहीं होती—हर बार उसे नई तरह से हराना पड़ता है।

समीक्षात्मक विश्लेषण (Critical Analysis)

सकारात्मक पक्ष (Pros):
कहानी तेज रफ़्तार से आगे बढ़ती है। रोमानिया से राजनगर और फिर क्लाइमैक्स तक—कहीं भी धीमापन या बोरियत महसूस नहीं होती। नागपाशा को जोड़कर लेखक ने इस कहानी को सिर्फ ध्रुव तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे राज कॉमिक्स के बड़े ब्रह्मांड से जोड़ दिया है। ‘क्लिनिकली डेड’ वाला आइडिया काफी हटकर और ज्यादा स्मार्ट था। यह किसी जादुई तलवार या मंत्र से विलेन को हराने वाली आम तकनीक से कहीं ज्यादा ताज़ा और दिलचस्प लगा। एक ही कॉमिक में ड्रैकुला, वेयरवोल्फ (भेड़िया), एक्वा मॉन्स्टर और फ्रैंकेस्टीन—यह पाठकों के लिए एक बड़ा विजुअल मज़ा है।

नकारात्मक पक्ष (Cons):
ध्रुव का रोमानिया पहुंच जाना थोड़ा ज्यादा आसान और सुविधाजनक लगता है। लोरी की मानसिक पुकार पर अचानक टेलीपोर्ट हो जाना—यह ध्रुव की यथार्थवादी शैली वाली कहानियों से थोड़ा हटकर लगता है। चंडिका को थोड़ा और दमदार दिखाया जा सकता था। उसका इतनी जल्दी सम्मोहित हो जाना उसके फैंस को थोड़ा निराश कर सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

‘ड्रैकुला का हमला’ राज कॉमिक्स के स्वर्ण युग का एक चमकता हुआ हीरा है। यह कॉमिक न सिर्फ सुपर कमांडो ध्रुव के फैंस के लिए खास है, बल्कि हॉरर और थ्रिलर पसंद करने वाले पाठकों के लिए भी एक शानदार अनुभव है। जॉली सिन्हा की कहानी और अनुपम सिन्हा की कला इस कॉमिक को एक यादगार सफर बनाती है।

यह कॉमिक यह भी साबित करती है कि सुपरहीरो बनने के लिए हमेशा सुपरपावर की जरूरत नहीं होती—एक तेज दिमाग, हिम्मत और कभी हार न मानने वाला जज़्बा भी काफी होता है। ध्रुव ने जैसे एक अमर और लगभग अजेय राक्षस को अपने दिमाग से हराया है, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है।

अगर आप राज कॉमिक्स के फैन हैं, तो यह इश्यू आपके संग्रह में ज़रूर होना चाहिए। इसमें कहानी है, एक्शन है, डर है, रोमांच है और सबसे बढ़कर—अंधविश्वास पर विज्ञान और अच्छाई की जीत का खूबसूरत संदेश है।

नागपाशा और गुरुदेव का अंत में बच निकलना और फिर से कोई नई साजिश रचने की तैयारी करना पाठकों को अगली कॉमिक्स (जैसे ‘नागराज और ड्रैकुला’ की संभावित भिड़ंत) के लिए एक्साइटेड छोड़ देता है। राज कॉमिक्स ने भारतीय कॉमिक्स दुनिया में जो ऊँचे मानक बनाए हैं, यह विशेषांक उन पर पूरी तरह खरा उतरता है।

ड्रैकुला बनाम ध्रुव एक्शन थ्रिलर नागपाशा और गुरुदेव की साजिश राज कॉमिक्स की हॉरर कहानियाँ सुपर कमांडो ध्रुव की महाकाव्य लड़ाइयाँ
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
ComicsBio
  • Website

Related Posts

सो जा नागराज रिव्यू: जब नागराज को हराने उतरी उसकी अपनी ही नींद!

11 February 2026 Hindi Comics World Updated:11 February 2026

जब हीरो ही बन जाए विलेन! – इन्द्र बनाम कै़क्टस की सबसे खतरनाक लड़ाई

11 February 2026 Editor's Picks

प्रलयंकारी अजगर: जब स्पेस, बदला और देसी डायलॉग्स ने रचा कॉमिक्स इतिहास

10 February 2026 Don't Miss
View 2 Comments

2 Comments

  1. Pingback: ड्रैकुला सीरीज पार्ट-3 – ड्रैकुला का अंत समीक्षा | comicsbio.com

  2. Pingback: कोलाहल रिव्यू: क्या यही है ड्रैकुला का अंत? | comicsbio.com

Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Interesting Ways to Read Free Online Comics

2 September 2025

Deadliest Female Villains in Raj Comics: A Clash with Nagraj

11 September 2024

Kali Mirch Chacha: Master Marksman and Doga’s Mentor in Black Paper Art

11 September 2024

Read Free Online Comics: Your Ultimate Guide to Digital Comic Reading

30 August 2025
Don't Miss

सो जा नागराज रिव्यू: जब नागराज को हराने उतरी उसकी अपनी ही नींद!

By ComicsBio11 February 2026

राज कॉमिक्स के सबसे लोकप्रिय सुपरहीरो नागराज की कहानियाँ आमतौर पर रोमांच, जासूसी और फंतासी…

So Ja Nagraj Review: When Sleep Becomes the Deadliest Enemy of a Superhero

11 February 2026

Indra vs Cactus: A Dark, Intelligent 90’s Manoj Comics Classic That Mixed Action, Espionage & Social Message

11 February 2026

जब हीरो ही बन जाए विलेन! – इन्द्र बनाम कै़क्टस की सबसे खतरनाक लड़ाई

11 February 2026
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from Comics Bio about art & design.

About Us
About Us

Welcome to ComicsBio, your one-stop shop for a colorful universe of cartoons, movies, anime, and feature articles!

Email Us: info@comicsbio.com

Our Picks

सो जा नागराज रिव्यू: जब नागराज को हराने उतरी उसकी अपनी ही नींद!

11 February 2026

So Ja Nagraj Review: When Sleep Becomes the Deadliest Enemy of a Superhero

11 February 2026

Indra vs Cactus: A Dark, Intelligent 90’s Manoj Comics Classic That Mixed Action, Espionage & Social Message

11 February 2026
Most Popular

Interesting Ways to Read Free Online Comics

2 September 2025

Deadliest Female Villains in Raj Comics: A Clash with Nagraj

11 September 2024

Kali Mirch Chacha: Master Marksman and Doga’s Mentor in Black Paper Art

11 September 2024
comicsbio.com
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About Us
  • Terms
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • FAQ
© 2026 comicsbio

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.