भेड़िया ‘जानवर’ (1998) रिव्यू: जब प्यार और हिंसा के बीच फँस गया एक सुपरहीरो | Raj Comics Classic Review16 February 2026
Bheriya’s Inner War in ‘Animal (1998)’ – Raj Comics’ Most Emotional and Violent Masterpiece16 February 2026
कपालिका – Maharavan Series Part-4 | क्या असली नायक अतिक्रूर ही है? या भोकाल की शक्ति फिर करवट लेगी?By ComicsBio25 November 2025 राज कॉमिक्स के स्वर्णिम युग की महागाथाओं में, ‘कपालिका’ विशेषांक (संख्या 103, मूल्य 16.00) एक ऐसा अध्याय है जो न…