Close Menu
  • Home
  • Comics
  • Featured
  • Hindi Comics World
  • Trending
  • Blog
  • Spotlight
  • International

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from Comics Bio about art, design and business.

What's Hot

Rajnagar in Hibernation: Can Super Commando Dhruv and Inspector Steel Save the City’s Fate?

31 January 2026

स्वर्ग बनने से पहले जन्मा एक योद्धा – Warrior (Yoddha): आरंभ की महागाथा

30 January 2026

When Creation Itself Was the Battlefield – Warrior (Yoddha): Aarambh and the Birth of a Legend

30 January 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
comicsbio.comcomicsbio.com
Subscribe
  • Home
  • Comics
  • Featured
  • Hindi Comics World
  • Trending
  • Blog
  • Spotlight
  • International
comicsbio.comcomicsbio.com
Home » Kaliyug Raj Comics समीक्षा: क्या नागराज, ध्रुव और शक्ति रचेंगे ब्रह्मांड की शक्ति के खिलाफ इतिहास?
Hindi Comics World Updated:21 December 2025

Kaliyug Raj Comics समीक्षा: क्या नागराज, ध्रुव और शक्ति रचेंगे ब्रह्मांड की शक्ति के खिलाफ इतिहास?

जानिए ‘Kaliyug’ में कैसे देवता, असुर और सुपरहीरो मिलकर ब्रह्मांड को खतरे से बचाने के लिए लड़ते हैं।
ComicsBioBy ComicsBio21 December 2025Updated:21 December 2025011 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Reddit Email
kaliyug Raj Comics समीक्षा: नागराज, ध्रुव और शक्ति का ब्रह्मांडीय मुकाबला
देखें कैसे नागराज, ध्रुव और शक्ति ब्रह्मांड के असुरों के खिलाफ लड़ते हैं और Raj Comics की ‘कaliyug’ में रोमांच और शक्ति की नई परिभाषा रचते हैं।
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

राज कॉमिक्स के इतिहास में ‘कलियुग’ का नाम सच में खास जगह रखता है। यह वह दौर था जब कॉमिक्स सिर्फ टाइमपास या मनोरंजन नहीं थीं, बल्कि उनमें भारतीय संस्कृति, दर्शन और आधुनिक विज्ञान का जबरदस्त मेल देखने को मिलता था। ‘कलियुग’ एक ऐसा कम्प्लीट विशेषांक है जो राज कॉमिक्स की ब्रह्मांडीय (Cosmic) स्तर की कहानियों को दर्शाता है। इस कॉमिक की सबसे बड़ी खासियत है—नागराज, सुपर कमांडो ध्रुव और शक्ति का एक साथ आना। ये तीनों सिर्फ सुपरहीरो नहीं हैं, बल्कि तीन अलग-अलग सोच और शक्तियों के प्रतीक हैं: नागराज (इच्छाधारी शक्ति), ध्रुव (मानवीय दिमाग और विज्ञान), और शक्ति (दैवीय और सर्वोच्च शक्ति)।
जॉली सिन्हा की दमदार कहानी और अनुपम सिन्हा के जादुई चित्रों से सजी यह कॉमिक न सिर्फ एक्शन से भरपूर है, बल्कि इसमें पौराणिक कथाओं और आधुनिक विज्ञान का शानदार तालमेल भी देखने को मिलता है।

कहानी की पृष्ठभूमि और कथानक:

‘कलियुग’ की कहानी असुरों और देवताओं के सदियों पुराने संघर्ष को एक नए और आधुनिक रूप में पेश करती है। असुरराज शंबुक और दैत्य गुरु शुक्राचार्य मिलकर एक बेहद खतरनाक योजना बनाते हैं। उनका मानना है कि यह युग कलियुग है, और इस समय अधर्म और असुरों की ताकत अपने शिखर पर होनी चाहिए। लेकिन उन्हें यह बात परेशान करती है कि धरती पर कुछ ऐसे मानव मौजूद हैं, जिन्हें देवताओं का वरदान मिला हुआ है और जो असुरों के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बने हुए हैं।

शंबुक की योजना साफ है—उन इंसानों से उनकी दिव्य शक्तियां छीन ली जाएं जिन्हें देवताओं ने वरदान दिया है। इस योजना के निशाने पर हैं नागराज, जिसे देव कालजयी का आशीर्वाद प्राप्त है; शक्ति, जो खुद देवी का रूप है; और ध्रुव, जिसकी बुद्धि और वैज्ञानिक सोच किसी भी दैवीय शक्ति से कम नहीं है।

कहानी की शुरुआत नागराज की मुश्किलों से होती है। नागराज अपने पुराने दुश्मन प्रोफेसर नागमणि और उसके गुंडों से लड़ रहा होता है। नागमणि ने एक खास तरह का एंटी-वेनम (विश-रोधी) तैयार किया है, जो नागराज के शरीर में मौजूद सूक्ष्म साँपों और उसके ज़हर को बेअसर कर देता है, यहां तक कि ज़हर पानी में बदल जाता है। पहली बार पाठक नागराज को इतना बेबस और कमजोर देखते हैं। अपनी शक्तियां वापस पाने के लिए नागराज महात्मा कालदूत और देव कालजयी का आह्वान करता है।

इधर असुरराज शंबुक नेवला बलि नाम के एक भयानक राक्षस को नागद्वीप भेज देता है, ताकि वहां के निवासियों को आतंकित किया जा सके और नागराज को बाहर आने पर मजबूर किया जा सके। इसी दौरान दिल्ली में शक्ति भी असुरों के हमलों से जूझ रही होती है। असुरों ने सिर्फ धरती पर ही नहीं, बल्कि देवलोक में भी उथल-पुथल मचा दी है। उन्होंने इंद्र के पुत्र जयंत को अपने मायाजाल में फंसा लिया है।

कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट तब सामने आता है जब असुरों के प्रभाव से जयंत का शरीर अंतरिक्ष में लगातार बढ़ने लगता है। उसका विशाल आकार ब्रह्मांड के गुरुत्वाकर्षण और ग्रहों की गति को प्रभावित करने लगता है। अगर जयंत का बढ़ना नहीं रोका गया, तो समय का चक्र ही रुक जाएगा और कलियुग हमेशा के लिए स्थिर हो जाएगा—यही असुरों का असली और अंतिम लक्ष्य है।

असुरों का मानना है कि मानवों को मिले दैवीय वरदान ही उनकी असली ताकत हैं। अगर ये शक्तियां उनसे छीन ली जाएं, तो अधर्म का राज कायम करना बहुत आसान हो जाएगा।

पात्रों का गहन विश्लेषण:

नागराज (Nagraj): इस कॉमिक में नागराज का एक बेहद मानवीय रूप देखने को मिलता है। जब उसकी शक्तियां उससे छीन ली जाती हैं, तो वह शारीरिक रूप से टूट जाता है, लेकिन उसका हौसला और आत्मविश्वास नहीं डगमगाता। अपने अस्तित्व और पहचान को बचाने के लिए वह अपनी जड़ों—नागद्वीप और कालजयी—की ओर लौटता है। आखिरकार, जिस तरह वह अपनी इच्छाधारी शक्ति के सहारे युद्ध में वापसी करता है, वह पाठकों के लिए रोमांच से भरा पल बन जाता है।

सुपर कमांडो ध्रुव (Super Commando Dhruva): ध्रुव हमेशा की तरह इस कहानी का दिमाग है। जहां नागराज और शक्ति अपनी अपार शक्तियों पर निर्भर करते हैं, वहीं ध्रुव अपनी तर्कशक्ति और विज्ञान की समझ से नामुमकिन को मुमकिन बना देता है। अंतरिक्ष में हुए अंतिम युद्ध के दौरान ध्रुव द्वारा सुझाई गई कैरम बोर्ड या बिलियर्ड्स जैसी रणनीति—जिसमें नागराज का विशाल शरीर स्ट्राइकर की तरह इस्तेमाल होता है—अनुपम सिन्हा की रचनात्मक सोच का शानदार उदाहरण है।

शक्ति (Shakti): शक्ति इस तिकड़ी की सबसे ताकतवर कड़ी है। वह न सिर्फ असुरों से डटकर मुकाबला करती है, बल्कि नागराज और ध्रुव को अंतरिक्ष तक ले जाने का माध्यम भी बनती है। उसका विराट रूप और असुरों के प्रति उसका उग्र क्रोध कहानी में जबरदस्त ऊर्जा भर देता है।

कहानी के शुरुआती हिस्से में हम देखते हैं कि दिल्ली की सड़कों पर मानो कयामत टूट पड़ी हो। असुर केहरीनाद अपनी विनाशकारी चीख और ध्वनि तरंगों से पूरी दिल्ली को हिला देता है। ऐसे समय में शक्ति का प्रवेश बेहद प्रभावशाली लगता है। शक्ति, जो स्वयं माँ काली और दुर्गा की शक्तियों का संगम है, असुरों के लिए साक्षात मृत्यु बनकर सामने आती है।

शक्ति और केहरीनाद का युद्ध इस कॉमिक्स के सबसे रोमांचक हिस्सों में से एक है। केहरीनाद की ‘चीख’ इतनी खतरनाक है कि वह ऊँची-ऊँची इमारतों को भी गिरा सकती है, लेकिन शक्ति का धैर्य और उनका भयानक क्रोध उसके सामने डटकर खड़ा हो जाता है। अनुपम सिन्हा ने जिस तरह से शक्ति के ‘तीसरे नेत्र’ और उनके ‘प्रकाश पुंज’ को चित्रों में दिखाया है, वह सचमुच पाठक के रोंगटे खड़े कर देता है। शक्ति सिर्फ शारीरिक ताकत से ही नहीं लड़तीं, बल्कि वह अपनी दैवीय ऊर्जा से असुरों के मायाजाल को पूरी तरह तोड़ देती हैं।

कहानी का सबसे अहम मोड़ तब आता है जब नागराज और ध्रुव को अंतरिक्ष की गहराइयों में जाना पड़ता है। एक सामान्य इंसान या यहाँ तक कि नागराज के लिए भी बिना किसी यान के अंतरिक्ष में जाना और जीवित रहना असंभव है। यहीं शक्ति अपनी असली ताकत दिखाती हैं। वह अपना ‘विराट रूप’ धारण करती हैं। उनका यह रूप इतना विशाल होता है कि वह नागराज और ध्रुव को अपनी हथेली पर बैठाकर बादलों को चीरती हुई अंतरिक्ष की असीम गहराइयों में ले जाती हैं। यह दृश्य राज कॉमिक्स के इतिहास के सबसे ‘आइकोनिक’ दृश्यों में गिना जाता है।

अंतरिक्ष में, जहाँ न ऑक्सीजन होती है और न ही जीवन के लिए अनुकूल तापमान, वहाँ शक्ति अपनी ऊर्जा से नागराज और ध्रुव के चारों ओर एक सुरक्षा कवच (Ozone/Energy Shield) बना देती हैं। इससे साफ होता है कि शक्ति सिर्फ एक योद्धा नहीं हैं, बल्कि अपने साथियों की सच्ची रक्षक भी हैं।

असुरराज शंबुक और शुक्राचार्य:
शंबुक ऐसा खलनायक है जो केवल ताकत के बल पर नहीं, बल्कि चालाकी और रणनीति पर ज्यादा भरोसा करता है। शुक्राचार्य का गहरा ज्ञान उसे और भी खतरनाक बना देता है। उनका यह तर्क कि कलियुग असुरों का युग होना चाहिए, कहानी को एक दार्शनिक आधार देता है। शुक्राचार्य का चरित्र काफी गहराई लिए हुए है। वे जानते हैं कि ‘परम शक्ति’ के क्षेत्र में न देवता जा सकते हैं और न ही असुर—वहाँ केवल मानव ही प्रवेश कर सकता है। इसी कारण वे ऐसी परिस्थितियाँ बनाते हैं कि नायक खुद-ब-खुद उनके जाल में फँसते चले जाते हैं। शंबुक का अहंकार और उसकी विशाल राक्षसी सेना इस कॉमिक्स के एक्शन को और भी ऊँचाई पर ले जाती है।

कला और चित्रांकन (Art and Illustration):

अनुपम सिन्हा को राज कॉमिक्स का ‘किंग ऑफ आर्ट’ कहा जाता है, और ‘कलियुग’ में उन्होंने इस बात को पूरी तरह साबित किया है। कॉमिक्स का हर पन्ना उनकी मेहनत और कल्पनाशक्ति को साफ दिखाता है।

चाहे नागराज और नागमणि की लड़ाई हो या फिर अंतरिक्ष में असुरों के साथ हुआ महासंग्राम—हर पैनल में गति और ऊर्जा साफ महसूस होती है। अंतरिक्ष, नक्षत्रों और विशालकाय जयंत का चित्रण बेहद भव्य है। उस समय डिजिटल पेंटिंग के बिना इतने शानदार रंगों और शेडिंग का इस्तेमाल करना सच में काबिले-तारीफ है। पात्रों के चेहरों पर डर, गुस्सा और दृढ़ निश्चय के भाव बहुत बारीकी से उकेरे गए हैं। खासकर जब नागराज कमजोर पड़ता है, तो उसके चेहरे की पीड़ा पाठक खुद महसूस करने लगता है।

लेखन और संवाद:

जॉली सिन्हा ने कहानी को बहुत संतुलित तरीके से आगे बढ़ाया है। इतने बड़े और शक्तिशाली पात्रों को एक ही कहानी में शामिल करना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने सभी को पूरा न्याय दिया है। संवादों में एक खास गंभीरता और गरिमा है, खासकर जब देवता और असुर आपस में संवाद करते हैं। ध्रुव के संवाद जहाँ तर्क और विज्ञान से जुड़े होते हैं, वहीं नागराज के संवाद वीरता और कर्तव्य की भावना से भरे हुए हैं।

कहानी में ‘शतरूपा पुंज’ की खोज और ‘परम शक्ति’ के क्षेत्र की यात्रा वाले हिस्से बेहद रोमांचक हैं। ये हिस्से पाठकों को मानो एक अलग ही दुनिया की सैर करा देते हैं।

वैज्ञानिक और पौराणिक समन्वय:

यह कॉमिक्स कई गहरे सवाल खड़े करती है। ‘कलियुग’ का असली अर्थ क्या है? क्या यह सिर्फ समय का एक दौर है, या फिर इंसान के भीतर छिपे अंधकार का नाम? शुक्राचार्य और शंबुक का मानना है कि पाप का बढ़ना प्रकृति का नियम है। इसके ठीक उलट, नागराज, ध्रुव और शक्ति यह साबित करते हैं कि युग चाहे कोई भी हो, धर्म यानी अपने कर्तव्य की रक्षा करना सबसे बड़ा सत्य है। राज कॉमिक्स की एक खास बात यह रही है कि उनकी कहानियाँ सिर्फ जादू-टोने पर नहीं टिकी होती थीं। ‘कलियुग’ में भी ध्रुव जिस तरह ‘शॉर्ट सर्किट’ का सिद्धांत समझाता है या गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल करता है, वह बच्चों और किशोरों के लिए ज्ञानवर्धक भी है। पौराणिक कथाओं के असुरों को अंतरिक्ष के राक्षसों के रूप में दिखाना उस समय का एक नया और साहसिक प्रयोग था।

समीक्षा के मुख्य बिंदु: क्यों पढ़ें ‘कलियुग’?

अगर आप ‘शक्ति’ के फैन हैं, तो यह कॉमिक्स आपके लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है। इसमें शक्ति के किरदार को नए स्तर पर दिखाया गया है और उनकी शक्तियों के कई ऐसे रूप देखने को मिलते हैं, जो उन्हें और भी खास बना देते हैं। नागराज, ध्रुव और शक्ति को एक साथ काम करते देखना वैसा ही अनुभव देता है जैसे मार्वल की ‘एवेंजर्स’ टीम को देखना। तीनों की आपसी समझ, एक-दूसरे के लिए सम्मान और तालमेल इस कहानी को बेहद खास बना देता है।

शंबुक और शुक्राचार्य जैसे ताकतवर और समझदार विलेन कहानी में लगातार रोमांच बनाए रखते हैं। ये सिर्फ लड़ाई नहीं करते, बल्कि दिमाग से भी खेलते हैं, जिससे कहानी और गहरी बन जाती है।

अनुपम सिन्हा का यह काम उनके करियर के बेहतरीन आर्टवर्क्स में गिना जा सकता है। हर पेज देखने लायक है और हर फ्रेम याद रह जाता है।

यह कॉमिक्स 2006 के उस दौर की याद दिला देती है, जब ऐसे विशेषांक हमारे बचपन का सबसे अहम हिस्सा हुआ करते थे।

समीक्षात्मक निष्कर्ष:

‘कलियुग’ राज कॉमिक्स के इतिहास की उन चुनिंदा कहानियों में से है, जिसे आज भी ‘कल्ट क्लासिक’ माना जाता है। यह कहानी सिखाती है कि युग चाहे कोई भी हो, सत्य और न्याय के लिए लड़ने वाले लोग आखिरकार रास्ता निकाल ही लेते हैं।

खूबियां:
तीनों बड़े हीरो का शानदार तालमेल। अनुपम सिन्हा का अंतरराष्ट्रीय स्तर का आर्टवर्क। ब्रह्मांडीय स्तर पर फैले संकट की रोचक और दमदार कहानी। उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग और रंगों का बेहतरीन इस्तेमाल।

कमियां:
कहानी का दायरा बहुत बड़ा है, इसलिए कुछ जगहों पर यह थोड़ी जटिल लग सकती है, खासकर नए पाठकों के लिए जिन्हें पुराने संदर्भ—जैसे नागमणि या कालजयी का इतिहास—पूरी तरह पता नहीं हैं।
कुछ राक्षसों का अंत थोड़ा जल्दी दिखा दिया गया है।

अंतिम निर्णय:

‘कलियुग’ सिर्फ एक कॉमिक्स नहीं, बल्कि वीरता, त्याग और बुद्धि से भरा एक महाकाव्य है। इसमें शक्ति का चरित्र यह संदेश देता है कि नारी शक्ति ही इस ब्रह्मांड की रचयिता और रक्षक है। जब-जब अधर्म बढ़ेगा, तब-तब शक्ति का विराट रूप असुरों का विनाश करेगा। नागराज का दृढ़ संकल्प और ध्रुव की बुद्धिमत्ता इस शक्ति के साथ मिलकर अधर्म के कलियुग को धर्म के प्रकाश से भर देती है।

यह कॉमिक्स हर राज कॉमिक्स प्रेमी के कलेक्शन में गर्व के साथ रखी जानी चाहिए। यह हमें याद दिलाती है कि हमारे पास भी ऐसे सुपरहीरो हैं, जिनकी कहानियाँ और ताकतें किसी भी वैश्विक स्तर की कहानी से कम नहीं हैं।

विशेष टिप:
इस कॉमिक्स को पढ़ते समय अंत में दिए गए विज्ञापनों पर भी एक नज़र जरूर डालें। डोगा, बांकेलाल और गमराज के ये विज्ञापन आपको सीधे 2006 के उस दौर में ले जाएंगे, जब कॉमिक्स का क्रेज अपने शिखर पर था।

रेटिंग: 9.5/10

Raj Comics के प्रेमी जहां नागराज ध्रुव और शक्ति ब्रह्मांडीय खतरे से लड़ते हैं। मिथक कथाओं के शौकीन और कॉमिक कलेक्टर्स के लिए ‘कaliyug’ एक रोमांचक और गूजबम्प्स देने वाला सफर है
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
ComicsBio
  • Website

Related Posts

स्वर्ग बनने से पहले जन्मा एक योद्धा – Warrior (Yoddha): आरंभ की महागाथा

30 January 2026 Editor's Picks Updated:30 January 2026

सुपर कमांडो ध्रुव की ‘जंग’: बदले, गलतफहमी और इंसानियत के बीच छिड़ी सबसे खतरनाक मानसिक लड़ाई

30 January 2026 Hindi Comics World Updated:30 January 2026

भोकाल बनाम किस्मत: ‘काल कुंडली’ में भाग्य, कर्म और विधाता को दी गई सबसे बड़ी चुनौती

29 January 2026 Hindi Comics World Updated:29 January 2026
Add A Comment

Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Interesting Ways to Read Free Online Comics

2 September 2025

Deadliest Female Villains in Raj Comics: A Clash with Nagraj

11 September 2024

Kali Mirch Chacha: Master Marksman and Doga’s Mentor in Black Paper Art

11 September 2024

Read Free Online Comics: Your Ultimate Guide to Digital Comic Reading

30 August 2025
Don't Miss

Rajnagar in Hibernation: Can Super Commando Dhruv and Inspector Steel Save the City’s Fate?

By ComicsBio31 January 2026

Raj Comics has created ‘Rajnagar’ in the world of Indian comics not just as a…

स्वर्ग बनने से पहले जन्मा एक योद्धा – Warrior (Yoddha): आरंभ की महागाथा

30 January 2026

When Creation Itself Was the Battlefield – Warrior (Yoddha): Aarambh and the Birth of a Legend

30 January 2026

Hunter Shark Force: When King Comics Blended Science, Revenge & Animal Fury in the 90s

30 January 2026
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from Comics Bio about art & design.

About Us
About Us

Welcome to ComicsBio, your one-stop shop for a colorful universe of cartoons, movies, anime, and feature articles!

Email Us: info@comicsbio.com

Our Picks

Rajnagar in Hibernation: Can Super Commando Dhruv and Inspector Steel Save the City’s Fate?

31 January 2026

स्वर्ग बनने से पहले जन्मा एक योद्धा – Warrior (Yoddha): आरंभ की महागाथा

30 January 2026

When Creation Itself Was the Battlefield – Warrior (Yoddha): Aarambh and the Birth of a Legend

30 January 2026
Most Popular

Interesting Ways to Read Free Online Comics

2 September 2025

Deadliest Female Villains in Raj Comics: A Clash with Nagraj

11 September 2024

Kali Mirch Chacha: Master Marksman and Doga’s Mentor in Black Paper Art

11 September 2024
comicsbio.com
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About Us
  • Terms
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • FAQ
© 2026 comicsbio

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.