तुलसी कॉमिक्स की सबसे कामयाब और यादगार श्रृंखलाओं में से एक ‘तौसी’ रही है। तौसी एक इच्छाधारी सांप है, जो पाताल लोक का निवासी होते हुए भी पृथ्वी पर रहता है और महान वैज्ञानिक कालचक्र के लिए काम करता है। पिछले अंकों में हमने तौसी को राक्षसों, तांत्रिकों और खतरनाक दुश्मनों से भिड़ते देखा है, लेकिन “तौसी और अप्सरा का जाल” उसे एक ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देता है जहाँ उसकी सबसे बड़ी कमजोरी—उसकी मरी हुई प्रेमिका अप्सरा—खुद उसके सामने आ खड़ी होती है। यह अंक सिर्फ दमदार एक्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जबरदस्त मनोवैज्ञानिक सस्पेंस (Psychological Suspense) भी है, जो पाठक को आख़िरी पन्ने तक बांधे रखता है।
कहानी का विस्तृत विवरण (Detailed Plot)
तौसी का नया जीवन और कालचक्र:
कहानी की शुरुआत तौसी के मौजूदा जीवन से होती है। अब तौसी ‘तौसी द्वीप’ पर रहता है, जहाँ वैज्ञानिक कालचक्र ने उसे अलग-अलग भाषाओं, आधुनिक लड़ाई के तरीके और खतरनाक हथियारों की ट्रेनिंग दी है। कालचक्र ने तौसी को एक अहम सरकारी पद भी दिलवाया है। यहाँ तौसी धीरे-धीरे एक मजबूत रक्षक और योद्धा बन चुका है, लेकिन उसके दिल में उसकी मरी हुई प्रेमिका अप्सरा की यादें आज भी जिंदा हैं और उसे अंदर ही अंदर परेशान करती रहती हैं।

अप्सरा का रहस्यमयी आगमन:
सुंदरगढ़ के बाहरी हाईवे पर एक रात सेठ गोवर्धन को सड़क के बीचों-बीच एक बेहद खूबसूरत युवती मिलती है। जब वह उससे पूछता है, तो वह अपना नाम अप्सरा बताती है और कहती है कि इस दुनिया में उसका कोई नहीं है। सेठ गोवर्धन उसकी सुंदरता से इतना प्रभावित हो जाता है कि उसे अपने बंगले ले आता है। यहीं से कहानी में ग्लैमर और रहस्य का रंग गहराने लगता है। शहर में ‘मिस सुंदरी’ प्रतियोगिता होने वाली होती है, जिसे पिछले तीन सालों से किटी जीतती आ रही है। गोवर्धन अप्सरा को भी इस प्रतियोगिता में उतार देता है।

सौंदर्य प्रतियोगिता और प्रतिशोध:
प्रतियोगिता वाले दिन कालचक्र भी वहां मौजूद रहता है। जैसे ही अप्सरा मंच पर आती है, कालचक्र सन्न रह जाता है क्योंकि वह बिल्कुल तौसी की मरी हुई प्रेमिका जैसी दिखती है। नतीजा आता है और अप्सरा प्रतियोगिता जीत जाती है, जबकि किटी हार जाती है। हार की जलन में किटी एक खौफनाक साजिश रचती है। वह एक हार (Necklace) में जहरीला सांप छिपाकर अप्सरा को तोहफे के रूप में भेजती है। पार्टी के दौरान वह सांप अप्सरा को डस लेता है और अप्सरा ज़मीन पर गिर पड़ती है।
अलौकिक घटनाएँ और किटी की मौत:
अप्सरा को एक कमरे में ले जाया जाता है, जहाँ वह अकेले रहने की बात कहती है। किटी को लगता है कि उसका काम हो चुका है, लेकिन जब वह अपनी कार से लौट रही होती है, तभी उसे कार के पीछे अप्सरा की “आत्मा” दिखाई देती है। यहीं से कहानी डरावने हॉरर मोड़ में चली जाती है। अप्सरा की आत्मा किटी का पीछा करने लगती है। डर के मारे किटी एक टेलीफोन बूथ में छिप जाती है और पुलिस तथा कालचक्र को फोन करती है। मगर पुलिस के पहुंचने से पहले ही उस बूथ के अंदर किटी की रहस्यमयी मौत हो जाती है।

पुलिस जांच और कालचक्र का हस्तक्षेप:
अगले दिन अखबारों में बड़ी-बड़ी सुर्खियाँ छपती हैं—“अप्सरा की आत्मा ने किटी की हत्या की।” पुलिस अप्सरा को गिरफ्तार कर लेती है, लेकिन अप्सरा का कहना होता है कि वह पूरी रात अपने कमरे में ही थी। इस पूरे मामले में कालचक्र की दिलचस्पी बढ़ जाती है। वह अपने खास संदेशवाहक ‘सामरी’ को जेल भेजता है और अप्सरा को अपनी शरण में आने का प्रस्ताव देता है। इसके बाद अप्सरा जेल से रहस्यमयी तरीके से गायब हो जाती है और सीधे कालचक्र के बंगले ‘चक्रविला’ पहुँच जाती है।
डोला कैंप और तौसी का मिशन:
इसी दौरान कालचक्र तौसी को एक बेहद खतरनाक मिशन पर भेज देता है। उसे ‘डोला कैंप’ जाना होता है, जहाँ एक उग्रवादी संगठन देश की सत्ता पलटने की साजिश रच रहा है। इस संगठन का मुखिया डोला नाम का एक अधूरा तांत्रिक है। तौसी हेलीकॉप्टर से आर्मी छावनी पहुँचता है और कर्नल डोगरा से मुलाकात करता है। डोला का आतंक इतना ज्यादा है कि वहां का प्रशासन भी उसके इशारों पर चलता है।
महामिलन और षड्यंत्र का खुलासा:
इसी बीच अप्सरा भी सेठ गोवर्धन के साथ डोला कैंप पहुँच जाती है। वहाँ डोला के जन्मदिन पर एक बड़ा मेला लगा होता है। अप्सरा एक सपेरे ‘सगीना’ के पास जाती है और खुद को नागरानी बताकर उसे अपने वश में कर लेती है। मेले के दौरान सपेरे के खेल में एक नागिन अचानक इंसानी रूप धारण कर लेती है—और वह अप्सरा होती है।
वहीं तौसी, जो भेष बदलकर वहां मौजूद होता है, अपनी अप्सरा को ज़िंदा देखकर पूरी तरह से हक्का-बक्का रह जाता है। वह खेल के बीच में ही कूद पड़ता है, अप्सरा को उठाता है और वहां से भाग निकलता है।
क्लाइमेक्स और अगला भाग:
जंगल में तौसी और अप्सरा का मिलन होता है, जहाँ अप्सरा बताती है कि वह उसके बिना बहुत तड़प रही थी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। पाताल लोक में बैठा ‘नागबाबा’ अपनी कामयाबी पर मुस्कुरा रहा होता है और कहता है कि “अप्सरा की आत्मा” दरअसल उसके द्वारा रचा गया एक जाल था। दूसरी तरफ कालचक्र भी गुस्से से भरा हुआ है। यही सस्पेंस पाठकों को अगले अंक “तौसी और अप्सरा की आत्मा” के लिए बेचैन छोड़ देता है।
पात्र चित्रण (Character Analysis)

तौसी:
इस अंक में तौसी एक ऐसे किरदार के रूप में सामने आता है जो प्रेम और कर्तव्य के बीच फंसा हुआ है। उसकी कठोर ट्रेनिंग और मिशन उसे मजबूत और सख्त बनाते हैं, लेकिन जैसे ही वह अप्सरा का चेहरा देखता है, उसका भावुक पक्ष सामने आ जाता है। यही टकराव उसके चरित्र को इंसानी बनाता है और दिखाता है कि वह सिर्फ एक योद्धा नहीं, बल्कि दिल रखने वाला प्रेमी भी है। यह पहलू तौसी के मानवीय पक्ष (Human side) को बहुत खूबसूरती से उजागर करता है।
अप्सरा (रहस्यमयी):
अप्सरा इस कॉमिक्स की सबसे उलझी हुई और रहस्यमयी पात्र है। क्या वह सच में एक आत्मा है या किसी गहरी साजिश का हिस्सा? यही सवाल पूरी कहानी में बना रहता है। उसका स्वभाव बाहर से शांत दिखता है, लेकिन अंदर से वह बेहद खतरनाक है। किटी की हत्या वाले दृश्य में उसका रूप डरावना और बदले की आग से भरा हुआ नजर आता है, जो पाठक के मन पर गहरी छाप छोड़ता है।
कालचक्र:
कालचक्र एक ऐसा किरदार है जो पूरी तरह से नायक भी नहीं है और खलनायक भी नहीं। वह एक ग्रे शेड (Grey Shade) वाला पात्र है। वह तौसी का गुरु जरूर है, लेकिन उसके अपने स्वार्थ, योजनाएं और राज़ हैं। वह अप्सरा को अपने काबू में रखना चाहता है, ताकि तौसी पर उसका नियंत्रण बना रहे। यही चालाकी उसे कहानी का सबसे चालबाज दिमाग बना देती है।
डोला (तांत्रिक):
डोला एक नया लेकिन बेहद प्रभावशाली विलेन है। उसकी अधूरी तांत्रिक शक्तियां और उग्रवादी संगठन तौसी के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आते हैं। वह सिर्फ ताकत से नहीं, बल्कि डर और आतंक के सहारे अपना साम्राज्य चलाता है।
चित्रांकन और कला (Art and Graphics)

रोहित निंगलेकर का चित्रांकन इस कॉमिक्स की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। उन्होंने अप्सरा को इतनी नजाकत और अलौकिक सुंदरता के साथ चित्रित किया है कि वह पूरी कहानी के केंद्र में खुद-ब-खुद आ जाती है। वहीं टेलीफोन बूथ और कार के अंदर के डरावने दृश्यों में नीले और बैंगनी रंगों का इस्तेमाल करके उन्होंने एक गहरा रहस्यमयी और सिहरन पैदा करने वाला माहौल रचा है।
इसके साथ ही तौसी का हेलीकॉप्टर में सफर, आर्मी कैंप के दृश्य और सपेरे के खेल जैसे प्रसंगों में उन्होंने अच्छी विविधता दिखाई है। यह सब मिलकर कहानी को एक आधुनिक दृष्टिकोण (Modern Era) देता है, जहाँ तौसी सिर्फ पाताल लोक की कथाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आज के दौर की हकीकत से भी जुड़ता है।
विषय वस्तु और विश्लेषण (Themes & Analysis)
“तौसी और अप्सरा का जाल” एक बहुस्तरीय कहानी है, जिसमें प्रेम और कर्तव्य के बीच का संघर्ष गहराई से दिखाया गया है। तौसी का अपने मिशन को छोड़कर अप्सरा के पीछे जाना यह साफ करता है कि प्रेम कभी सबसे बड़ी ताकत बन सकता है और कभी सबसे बड़ी कमजोरी।
इसके साथ ही कालचक्र, नागबाबा और डोला जैसे अलग-अलग किरदारों द्वारा तौसी को मोहरे की तरह इस्तेमाल करने की साजिश कहानी को एक पॉलिटिकल थ्रिलर (Political Thriller) जैसा रोमांच देती है। सबसे खास बात है विज्ञान और अलौकिक शक्तियों का मेल—एक तरफ कालचक्र की आधुनिक लैब और उन्नत हथियार, और दूसरी तरफ अप्सरा की आत्मा और नागबाबा के चमत्कार। यही मिश्रण भारतीय कॉमिक्स की उस खास पहचान को मजबूत करता है, जहाँ तर्क और लोककथाएं साथ-साथ चलती हैं।
सकारात्मक और नकारात्मक पक्ष (Pros & Cons)
सकारात्मक:
कहानी की पकड़ शुरू से अंत तक बनी रहती है और सस्पेंस हर पन्ने के साथ और गहरा होता जाता है।
तौसी के चरित्र को एक नई दिशा मिलती है, जहाँ वह सिर्फ एक इच्छाधारी सांप नहीं बल्कि एक प्रशिक्षित और जिम्मेदार एजेंट के रूप में भी उभरता है।
किटी की मौत वाला दृश्य इस कॉमिक्स के सबसे यादगार और डरावने हॉरर सीन में से एक है।
नकारात्मक:
कहानी एक बहुत बड़े क्लिफहैंगर (Cliffhanger) पर खत्म होती है, जिससे अगला अंक न मिलने पर अधूरापन महसूस होता है।
सेठ गोवर्धन का किरदार कहानी के बीच में थोड़ा दब सा जाता है और उसे ज्यादा विस्तार नहीं मिल पाता।
निष्कर्ष (Conclusion)
“तौसी और अप्सरा का जाल” तुलसी कॉमिक्स के स्वर्ण युग की एक शानदार मिसाल है। लेखक ऋतुराज ने भावनाओं, रहस्य और रोमांच का ऐसा जाल बुना है कि पाठक उससे बाहर निकल ही नहीं पाता। यह कहानी यह भी सिखाती है कि कई बार जो चीज सबसे सुंदर नजर आती है, वही सबसे खतरनाक जाल भी साबित हो सकती है।
अगर आपको रहस्य, रोमांस और एक्शन से भरपूर कहानियां पसंद हैं, तो यह कॉमिक्स आपके कलेक्शन में जरूर होनी चाहिए। यह तौसी की यात्रा का एक ऐसा अहम मोड़ है, जिसे पढ़े बिना उसकी कहानी अधूरी रह जाती है।
रेटिंग: 4.7/5
