Close Menu
  • Home
  • Comics
  • Featured
  • Hindi Comics World
  • Trending
  • Blog
  • Spotlight
  • International

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from Comics Bio about art, design and business.

What's Hot

स्वर्ग बनने से पहले जन्मा एक योद्धा – Warrior (Yoddha): आरंभ की महागाथा

30 January 2026

When Creation Itself Was the Battlefield – Warrior (Yoddha): Aarambh and the Birth of a Legend

30 January 2026

Hunter Shark Force: When King Comics Blended Science, Revenge & Animal Fury in the 90s

30 January 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
comicsbio.comcomicsbio.com
Subscribe
  • Home
  • Comics
  • Featured
  • Hindi Comics World
  • Trending
  • Blog
  • Spotlight
  • International
comicsbio.comcomicsbio.com
Home » तिरंगा: डोगा के साथ देशभक्ति, बलिदान और सिस्टम के खिलाफ एक अमर युद्ध | Raj Comics Review
Hindi Comics World Updated:26 January 2026

तिरंगा: डोगा के साथ देशभक्ति, बलिदान और सिस्टम के खिलाफ एक अमर युद्ध | Raj Comics Review

राज कॉमिक्स की ‘तिरंगा’—जहाँ एक टूटे हुए पुलिस अफसर की देशभक्ति, डोगा की ताकत और भ्रष्ट सिस्टम से टकराव मिलकर एक यादगार गाथा रचते हैं।
ComicsBioBy ComicsBio26 January 2026Updated:26 January 202606 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Reddit Email
Tiranga Raj Comics Review: डोगा और देशभक्ति की एक अमर कहानी
राज कॉमिक्स की ‘तिरंगा’ में डोगा और नाना पाटेकर की कहानी भारतीय ध्वज, बलिदान और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का शक्तिशाली प्रतीक बन जाती है।
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

‘तिरंगा‘ जैसा कि नाम से ही पता चलता है, यह कॉमिक्स भारत के राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और देश के गद्दारों के खिलाफ एक जोरदार लड़ाई की कहानी है। इसमें डोगा—जो मुंबई का रक्षक और अपराधियों के लिए काल माना जाता है—का साथ मिलता है एक ऐसे पूर्व पुलिस अधिकारी को, जिसे सिस्टम ने तोड़ दिया था, लेकिन उसकी देशभक्ति उसे फिर से खड़ा कर देती है।

यह समीक्षा राज कॉमिक्स द्वारा प्रकाशित ‘तिरंगा‘ कॉमिक्स की है, जिसमें डोगा जैसे बड़े योद्धा और नाना पाटेकर (एक काल्पनिक पात्र, जिसका नाम प्रसिद्ध अभिनेता से प्रेरित है) की देशभक्ति और बदले की कहानी दिखाई गई है। यह कॉमिक्स सिर्फ एक एक्शन थ्रिलर नहीं है, बल्कि सिस्टम, भ्रष्टाचार और एक सच्चे सैनिक के आत्मसम्मान की गहरी पड़ताल भी करती है।

कहानी का सारांश: पुलिस की वर्दी से शहादत के कफन तक

कहानी की शुरुआत पुलिस मुख्यालय की पुरानी इमारत में मनाए जा रहे ‘पुलिस दिवस’ के समारोह से होती है। यहाँ इंस्पेक्टर नाना पाटेकर, जिन्हें एक ईमानदार और बहादुर अफसर के रूप में दिखाया गया है, तिरंगे की शपथ लेते हैं। वे कहते हैं कि तिरंगा सिर्फ कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि देश की आज़ादी, ताकत और विकास की पहचान है।

लेकिन कहानी में असली मोड़ तब आता है, जब समाज का एक ताकतवर अपराधी ठाकुर दादा अपने गुंडों के जरिए उस पवित्र समारोह को खराब कर देता है। उसके गुंडे एक निर्दोष लड़की का अपमान करते हैं और राष्ट्रगान के समय मर्यादा तोड़ते हैं। नाना पाटेकर, जो अपने उसूलों पर अडिग हैं, बीच में हस्तक्षेप करते हैं और आत्मरक्षा में गोली चला देते हैं।

विडंबना यह है कि जिस व्यवस्था की रक्षा की कसम नाना ने खाई थी, वही व्यवस्था उनके खिलाफ खड़ी हो जाती है। ऊँचे पदों पर बैठे भ्रष्ट अधिकारी—जैसे एस.पी. कोठारी और पटेल—ठाकुर दादा के दबाव में आकर नाना को ही अपराधी बना देते हैं। नाना को गिरफ्तार कर लिया जाता है और जेल में उनके साथ बुरी तरह प्रताड़ना की जाती है। यहीं से नाना के ‘तिरंगा‘ बनने की शुरुआत होती है। जेल में उन्हें पता चलता है कि ठाकुर दादा ने उनके पूरे परिवार की हत्या कर दी है। यह सच नाना को अंदर तक हिला देता है और वे कानून की सीमा से बाहर जाकर न्याय करने का फैसला कर लेते हैं।

दूसरी ओर, डोगा अपने ही अंदाज में अपराधियों का सफाया कर रहा है। वह ठाकुर दादा के काले साम्राज्य और उसके द्वारा बनाए जा रहे खतरनाक हथियारों—जैसे चक्र और मशीन गन—की जांच में लगा हुआ है। आखिरकार नाना और डोगा के रास्ते एक हो जाते हैं। नाना तिरंगे के तीन रंगों—केसरिया, सफेद और हरा—को अपने पहनावे में अपनाकर खुद को ‘तिरंगा‘ नाम देते हैं।

कहानी का चरम बिंदु मंदिर और उसके बाद तेज़ रफ्तार कार चेज़ के दृश्य में पहुँचता है। अंत में नाना अपनी जान की परवाह किए बिना ठाकुर दादा का अंत कर देते हैं और तिरंगे की आन-बान-शान की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त होते हैं।

पात्र विश्लेषण: नायक और खलनायक

नाना (तिरंगा): इस कॉमिक्स की सबसे बड़ी ताकत नाना का किरदार है। वे एक सच्चे ट्रेजिक हीरो हैं। उनकी देशभक्ति अंधी नहीं है, बल्कि अपने कर्तव्य के प्रति पूरी ईमानदारी से भरी हुई है। जब उन्हें लगता है कि वर्दी पहनकर वे इंसाफ नहीं कर पा रहे, तो वे तिरंगा बनकर न्याय का रास्ता चुनते हैं। उनका अंत बेहद भावुक है, जहाँ वे तिरंगे को गिरने से बचाते हुए अपनी आखिरी सांस लेते हैं।

डोगा: यहाँ डोगा एक सहायक नायक की भूमिका में है, लेकिन उसकी मौजूदगी कहानी को मजबूत बनाती है। वह नाना के जज़्बे और बलिदान को पूरा सम्मान देता है। डोगा का एक्शन, उसकी चालाकी और तकनीक का इस्तेमाल—जैसे गैस डिटेक्टर और छुपकर हमला करना—कॉमिक्स में रोमांच भर देता है।

ठाकुर दादा: वह 90 के दशक के क्लासिक खलनायक की तरह है—ताकतवर, भ्रष्ट और बेहद क्रूर। वह कानून को अपनी जेब में रखता है और उसके पास आधुनिक हथियारों की पूरी ताकत है। आखिरकार उसका घमंड ही उसके पतन की वजह बनता है।

इंस्पेक्टर गीता और अन्य पुलिसकर्मी: ये किरदार सिस्टम के दो चेहरे दिखाते हैं—एक तरफ इंस्पेक्टर गीता, जो सच जानना चाहती है, और दूसरी तरफ वे पुलिस अधिकारी, जो सत्ता और पैसे के गुलाम बन चुके हैं।

कला और चित्रांकन (Artwork and Illustration)

‘तिरंगा’ का चित्रांकन राज कॉमिक्स की पहचान वाली सिग्नेचर स्टाइल में है, जहाँ भावनाओं को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। डोगा और गुंडों के बीच होने वाली लड़ाइयों में एक्शन पूरी तरह जीवंत लगता है, खासकर जब ‘धड़ाक’ और ‘खनाक’ जैसे ध्वनि शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है, जो फाइट सीन का असर और बढ़ा देते हैं। शीर्षक के अनुसार पूरी कॉमिक्स में तिरंगे के रंगों का शानदार उपयोग किया गया है। नाना का ‘तिरंगा’ वाला रूप और अंतिम दृश्य देखने में बेहद प्रभावशाली और कलात्मक हैं। वहीं नाना पाटेकर के चेहरे के हाव-भाव उनके अंदर चल रहे मानसिक संघर्ष और दर्द को साफ-साफ दिखाते हैं।

संवाद और लेखन (Dialogues and Writing)

संजय गुप्ता और तरुण कुमार वाही का लेखन काफी असरदार है। संवादों में वीरता और देशभक्ति की साफ झलक मिलती है। नाना के संवाद जैसे—
“मेरे खून का आखिरी कतरा भी मेरे देश के दुश्मन को खत्म करने के बाद ही मेरे जिस्म का साथ छोड़ेगा”
पाठकों के अंदर जोश भर देते हैं। कहानी की रफ्तार तेज है और कहीं भी सुस्ती महसूस नहीं होती। हर पन्ने पर नया रोमांच और नया रहस्य सामने आता रहता है, जिससे पढ़ने की दिलचस्पी बनी रहती है।

सामाजिक और नैतिक संदेश

यह कॉमिक्स सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि कई गंभीर सवाल भी सामने रखती है।
क्या कानून हर हाल में सही होता है?
जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम आदमी इंसाफ के लिए कहाँ जाए?
देशभक्ति का असली मतलब क्या है?
नाना का बलिदान यह सिखाता है कि व्यक्ति से बड़ा देश और उसके प्रतीक होते हैं। एक दृश्य, जहाँ नाना गोलियां खाने के बावजूद तिरंगे के खंभे को थामे रहते हैं, राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च समर्पण और बलिदान का गहरा संदेश देता है।

समीक्षा के मुख्य बिंदु: क्यों पढ़ें?

यह कहानी पाठक को नाना के दुःख और उनके गुस्से से भावनात्मक रूप से जोड़ देती है। इसमें डोगा के प्रशंसकों के लिए जबरदस्त फाइट सीक्वेंस मौजूद हैं। 26 जनवरी या 15 अगस्त के आसपास इसे पढ़ना देशभक्ति का एक अलग ही एहसास देता है। पुराने कॉमिक्स प्रेमियों के लिए यह कहानी नॉस्टेल्जिया से भरी हुई है, जो उनकी सुनहरी यादों को फिर से ताजा कर देती है।

निष्कर्ष: एक अमर गाथा

राज कॉमिक्स की ‘तिरंगा’ एक ऐसी कहानी है जो समय के साथ पुरानी नहीं पड़ती। यह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत युद्धघोष है। भले ही नाना का अंत दुखद हो, लेकिन वे एक सच्चे विजेता की तरह शहीद होते हैं। डोगा द्वारा उन्हें दिया गया सैल्यूट असल में हर पाठक की तरफ से किया गया सैल्यूट बन जाता है।
अगर आप भारतीय कॉमिक्स के शौकीन हैं और ऐसी कहानी की तलाश में हैं जिसमें जबरदस्त एक्शन के साथ गहरी भावनाएं और देशभक्ति का जज्बा हो, तो ‘तिरंगा’ आपके कलेक्शन में जरूर होनी चाहिए। यह कॉमिक्स याद दिलाती है कि आज़ादी और सम्मान की कीमत हमेशा बलिदान से चुकानी पड़ती है।

अंतिम रेटिंग: 4.5/5

एक्शन और भारतीय ध्वज के सम्मान को भावनात्मक और विश्लेषणात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है। जिसमें डोगा नाना पाटेकर बलिदान भ्रष्ट सिस्टम यह ब्लॉग राज कॉमिक्स की देशभक्ति से भरी ‘तिरंगा’ कॉमिक्स की गहन समीक्षा है
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
ComicsBio
  • Website

Related Posts

स्वर्ग बनने से पहले जन्मा एक योद्धा – Warrior (Yoddha): आरंभ की महागाथा

30 January 2026 Editor's Picks Updated:30 January 2026

सुपर कमांडो ध्रुव की ‘जंग’: बदले, गलतफहमी और इंसानियत के बीच छिड़ी सबसे खतरनाक मानसिक लड़ाई

30 January 2026 Hindi Comics World Updated:30 January 2026

भोकाल बनाम किस्मत: ‘काल कुंडली’ में भाग्य, कर्म और विधाता को दी गई सबसे बड़ी चुनौती

29 January 2026 Hindi Comics World Updated:29 January 2026
Add A Comment

Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Interesting Ways to Read Free Online Comics

2 September 2025

Deadliest Female Villains in Raj Comics: A Clash with Nagraj

11 September 2024

Kali Mirch Chacha: Master Marksman and Doga’s Mentor in Black Paper Art

11 September 2024

Read Free Online Comics: Your Ultimate Guide to Digital Comic Reading

30 August 2025
Don't Miss

स्वर्ग बनने से पहले जन्मा एक योद्धा – Warrior (Yoddha): आरंभ की महागाथा

By ComicsBio30 January 2026

‘योद्धा: आरम्भ’ सिर्फ एक कॉमिक बुक नहीं है, बल्कि भारतीय पौराणिक कथाओं और फैंटेसी का…

When Creation Itself Was the Battlefield – Warrior (Yoddha): Aarambh and the Birth of a Legend

30 January 2026

Hunter Shark Force: When King Comics Blended Science, Revenge & Animal Fury in the 90s

30 January 2026

सुपर कमांडो ध्रुव की ‘जंग’: बदले, गलतफहमी और इंसानियत के बीच छिड़ी सबसे खतरनाक मानसिक लड़ाई

30 January 2026
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from Comics Bio about art & design.

About Us
About Us

Welcome to ComicsBio, your one-stop shop for a colorful universe of cartoons, movies, anime, and feature articles!

Email Us: info@comicsbio.com

Our Picks

स्वर्ग बनने से पहले जन्मा एक योद्धा – Warrior (Yoddha): आरंभ की महागाथा

30 January 2026

When Creation Itself Was the Battlefield – Warrior (Yoddha): Aarambh and the Birth of a Legend

30 January 2026

Hunter Shark Force: When King Comics Blended Science, Revenge & Animal Fury in the 90s

30 January 2026
Most Popular

Interesting Ways to Read Free Online Comics

2 September 2025

Deadliest Female Villains in Raj Comics: A Clash with Nagraj

11 September 2024

Kali Mirch Chacha: Master Marksman and Doga’s Mentor in Black Paper Art

11 September 2024
comicsbio.com
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About Us
  • Terms
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • FAQ
© 2026 comicsbio

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.