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Home » कयामत (Kayamat): ‘सूरमा’ के बाद शुरू हुई वो कड़ी, जहाँ नागराज और परमाणु की दोस्ती ने जादू और विज्ञान को आमने-सामने ला दिया
Hindi Comics World Updated:2 February 2026

कयामत (Kayamat): ‘सूरमा’ के बाद शुरू हुई वो कड़ी, जहाँ नागराज और परमाणु की दोस्ती ने जादू और विज्ञान को आमने-सामने ला दिया

‘सूरमा’ में बोए गए बीज का विस्फोट—जब शाकुरा की कयामती साजिश ने नागराज और परमाणु को एक ऐसे युद्ध में झोंक दिया, जहाँ हार का मतलब था पूरी दुनिया का अंत
ComicsBioBy ComicsBio2 February 2026Updated:2 February 202607 Mins Read
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कयामत (Kayamat) Comic Review: सूरमा के बाद नागराज और परमाणु की सबसे खतरनाक जंग
जब ‘सूरमा’ के बाद अधूरी रह गई कहानी ने ‘कयामत’ का रूप लिया—और नागराज व परमाणु को लड़नी पड़ी अब तक की सबसे असंभव जंग
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‘कयामत ‘ (Kayamat) यह कॉमिक्स सिर्फ एक कहानी नहीं है, बल्कि ‘महानगर के रक्षक’ नागराज और ‘दिल्ली के रक्षक’ परमाणु के बीच उस मजबूत तालमेल का प्रमाण है, जो कहानी ‘सूरमा’ के बाद शुरू हुआ था। ‘कयामत ‘ एक बहु-प्रतीक्षित क्रॉसओवर (Crossover) था, जिसने पाठकों को जादू और विज्ञान के बीच होने वाले भयंकर युद्ध का गवाह बनाया। यह समीक्षा इस 90 पन्नों की महागाथा के हर पहलू—कथानक, पात्र चित्रण, कला और सामाजिक संदेश—का गहन विश्लेषण करेगी।

कहानी का विस्तार और विश्लेषण:

कहानी की शुरुआत रहस्यमयी माहौल से होती है। महानगर के समुद्र तट पर देवू और रीमा एक रोमांटिक बोट राइड पर हैं, जहाँ देवू रीमा को प्रपोज करने वाला है। लेकिन तभी आसमान से एक अजीब उड़न तश्तरी गिरती है, जो आने वाले तूफान का संकेत देती है। यह दृश्य पाठकों में तुरंत जिज्ञासा पैदा करता है।

दूसरी ओर, नागराज अपने सामान्य रूप (राज) में भारती और स्कूल के बच्चों के साथ ट्रेन यात्रा पर है। यहाँ नागराज का मानवीय पक्ष दिखता है, जहाँ वह बच्चों के साथ अंताक्षरी खेल रहा है और मज़ाक कर रहा है। लेकिन जल्द ही, उसकी ‘नाग-दृष्टि’ उसे आने वाले खतरे का एहसास कराती है। एक जादुई इंजन, जिसका कोई ड्राइवर नहीं है, उनकी ट्रेन की ओर बढ़ रहा है। यहीं से ‘लोकोमोटो’ (Locomoto) नामक भयानक मशीनी राक्षस की शुरुआत होती है।

लोकोमोटो और नागराज का संघर्ष:
लोकोमोटो के साथ नागराज की लड़ाई इस कॉमिक्स के शुरुआती रोमांच में से एक है। लोकोमोटो कोई साधारण मशीन नहीं थी, वह जादू से चल रही थी और भाप (Steam) की अपार शक्ति का इस्तेमाल कर रही थी। नागराज यहाँ अपनी चतुराई दिखाता है। जब उसे पता चलता है कि सिर्फ ताकत काम नहीं कर रही, तो वह अपने ‘शीत-नाग’ (Ice snakes) की शक्तियों का उपयोग करता है। भाप को पानी में बदलना और फिर इंजन को एक ‘प्रेशर कुकर’ की तरह फटने पर मजबूर करना लेखक के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह भाग हमें याद दिलाता है कि नागराज सिर्फ एक योद्धा नहीं, बल्कि एक चालाक रणनीतिकार भी है।

परमाणु और दिल्ली का परिवेश:
कहानी का दूसरा हिस्सा दिल्ली में परमाणु यानी विनय के पास पहुँचता है। यहाँ परमाणु का सामना बैंक लुटेरों से होता है, जो सीवर सिस्टम के जरिए भागने की कोशिश करते हैं। परमाणु का उन्हें पकड़ने का तरीका—सीवर में पानी की भारी बौछार करके उन्हें बाहर निकालना—दिखाता है कि वह अपने शहर के भूगोल और बुनियादी ढांचे का कितना समझदारी से इस्तेमाल कर सकता है।

परमाणु के जीवन में एक भावनात्मक पहलू भी है। ‘सूरमा’ के अंत में प्रोफेसर वर्मा कोमा में चले गए थे। विनय डॉ. दस्तूर से उनके ऑपरेशन के बारे में बात करता है। यहाँ सुपरहीरो के जीवन की मजबूरी भी दिखती है—दुनिया बचाने वाला नायक अपने सबसे करीबी व्यक्ति के लिए सिर्फ दुआ ही कर सकता है।

जादूगर शाकुरा और ‘मुखौटा ‘ की साजिश:
इस कॉमिक्स का मुख्य खलनायक ‘जादूगर शाकुरा’ (Jaadoogar Shakura) है, जो नागराज का पुराना दुश्मन है। वह ‘ मुखौटा ‘ नाम का छद्म रूप धारण करके दिल्ली में आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में घुस जाता है। शाकुरा का विचार बहुत ही अनोखा और डरावना है—वह बच्चों को ‘जादुई क्रेयॉन’ (Magic Crayons) देता है। बच्चे जो भी ड्रॉ करते हैं, वह सच में जीवित होकर बाहर आ जाता है।

एक छोटा सा दिखने वाला पात्र ‘सीकड़ी’ (Seekadi), जो किसी बच्चे की अधूरी ड्राइंग जैसा है, नागराज और परमाणु दोनों के लिए सिरदर्द बन जाता है। सीकड़ी की ताकत यह है कि वह चोट नहीं खाता और केवल जादू से ही खत्म किया जा सकता है। यहाँ नागराज अपनी बुद्धिमत्ता दिखाता है और ‘सफेद क्रेयॉन’ (जो इरेज़र की तरह काम करता है) का इस्तेमाल करके इन जादुई आकृतियों को मिटाना शुरू करता है।

पात्रों का गहरा विश्लेषण:

नागराज: इस कहानी में नागराज एक संरक्षक के रूप में उभरता है। बच्चों के प्रति उसकी चिंता और भारती के साथ उसका संवाद उसे बहुत ही ‘रिलेटेबल’ (Relatable) बनाता है। भारती का किरदार भी सिर्फ एक साइडकिक नहीं है, बल्कि एक मजबूत महिला के रूप में दिखाया गया है, जो मुश्किल समय में नागराज को प्रेरित करती है।

परमाणु: परमाणु विज्ञान और तकनीक का प्रतिनिधित्व करता है। वह हर समस्या को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखता है। हालांकि, शाकुरा के जादू के सामने वह थोड़ा असहज दिखता है, जो जादू और विज्ञान के टकराव को कहानी में और रोचक बनाता है।

प्रो–बॉट (Pro-Bot): प्रोफेसर वर्मा द्वारा बनाया गया यह रोबोट कहानी का ‘गेम चेंजर’ है। वह सिर्फ एक मशीन नहीं है, बल्कि प्रोफेसर के दिमाग का प्रतिबिंब है। प्रो-बॉट का परमाणु की मदद करना और शाकुरा की मानसिक तरंगों को पकड़ना कहानी के क्लाइमेक्स को और मजबूत बनाता है।

जादूगर शाकुरा: शाकुरा एक ऐसा विलेन है जिसे नफरत और बदले की भावना चलाती है। उसका मकसद सिर्फ दुनिया जीतना नहीं है, बल्कि नागराज को अपमानित करना भी है। यही मानवीय दोष अंततः उसकी हार का कारण बनता है।

चित्रांकन और कला (Art and Visuals):

अनुपम सिन्हा का आर्टवर्क इस कॉमिक्स की असली जान है। 90 के दशक में उनके द्वारा बनाए गए विजुअल इफेक्ट्स आज भी डिजिटल युग में देखकर विस्मय होता है। लोकोमोटो का डिज़ाइन मशीनी और जादुई तत्वों का अनोखा मिश्रण है, वहीं नागराज और परमाणु का साथ में हवा में हमला करना और ‘फ्लाइंग डिस्क’ पर सवार योद्धाओं से संघर्ष करना एक शानदार सिनेमाई अनुभव देता है। इसके अलावा, जादुई क्रेयॉन्स की चमक और परमाणु के ‘एटॉमिक ब्लास्ट’ के रंगों में साफ अंतर का इस्तेमाल पाठक के दृश्य अनुभव को स्पष्ट और प्रभावी बनाता है।

जादू बनाम विज्ञान: मुख्य विषयवस्तु

‘कयामत ‘ का सबसे बड़ा आकर्षण है ‘जादू बनाम विज्ञान’ (Magic vs Science) का द्वंद्व। शाकुरा जादू का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ तर्क की कोई जगह नहीं है—कुछ भी संभव है। वहीं परमाणु और प्रो-बॉट विज्ञान का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो हर चीज का विश्लेषण (Analysis) करना चाहते हैं। नागराज इन दोनों के बीच की कड़ी है, क्योंकि वह शारीरिक शक्ति के साथ-साथ प्राकृतिक और पौराणिक शक्तियों का भी मालिक है।

कहानी यह संदेश देती है कि विज्ञान कितना भी उन्नत क्यों न हो, कभी-कभी ऐसी शक्तियां सामने आती हैं जिनका समाधान सिर्फ तर्क से नहीं, बल्कि कल्पना और बुद्धि (Intelligence) से ही निकलता है।

क्लाइमेक्स और निष्कर्ष:

कहानी का अंत दिल्ली की इमारतों पर बने एक जादुई टावर में होता है। शाकुरा ने प्रोफेसर वर्मा के मस्तिष्क पर कब्जा करने की कोशिश की थी, ताकि वह उनके वैज्ञानिक आविष्कारों को जादू के साथ मिला सके। लेकिन परमाणु और नागराज की टीमवर्क के सामने उसकी योजना विफल हो जाती है।

क्लाइमेक्स में, जब नागराज शाकुरा के जादुई आवरण को भेद देता है और प्रो-बॉट प्रोफेसर की यादों के जरिए शाकुरा को मानसिक रूप से बांध देता है, तो यह बहुत ही संतोषजनक दृश्य होता है। शाकुरा को उसके ही जाल में फँसते देखना पाठकों को न्याय की अनुभूति देता है। अंत में, शाकुरा को उसके ग्रह पर वापस भेज दिया जाता है और प्रोफेसर वर्मा की हालत में सुधार होने लगता है।

समीक्षात्मक टिप्पणी (Critical Appreciation):

‘कयामत ‘ राज कॉमिक्स की उन कहानियों में से है जो लंबी निरंतरता (Continuity) का हिस्सा हैं। इसे पढ़ने के लिए ‘सूरमा’ की जानकारी होना ज़रूरी है, जो इसे एक ‘कॉमिक बुक यूनिवर्स’ का हिस्सा बनाती है। लेखक ‘जॉली सिन्हा’ ने पटकथा को बहुत ही सधा हुआ रखा है।

सकारात्मक पक्ष:

इस कहानी में दो दिग्गज नायकों को समान महत्व दिया गया है, जिससे कथानक संतुलित और रोमांचक बनता है। ‘जादुई क्रेयॉन’ जैसा अनोखा और रचनात्मक विचार कहानी में नई चीज़ जोड़ता है, और तेज़ गति वाला कथानक पाठकों को अंत तक बांधे रखता है। पूरी कॉमिक्स में भावनाओं और एक्शन का सही संतुलन देखने को मिलता है, जो इसे मुकम्मल और यादगार बनाता है।

नकारात्मक पक्ष:

कहानी के कुछ हिस्से थोड़े पेचीदा लग सकते हैं, अगर किसी पाठक ने पिछली कड़ी ‘सूरमा’ न पढ़ी हो।

शाकुरा की हार थोड़ी जल्दी लगती है; उसके जैसे शक्तिशाली जादूगर को और कड़ी टक्कर देनी चाहिए थी।

निष्कर्ष और रेटिंग:

‘कयामत ‘ भारतीय कॉमिक्स इतिहास की एक क्लासिक कहानी है। यह हमें उस दौर की याद दिलाती है, जब कॉमिक्स सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि कल्पनाशीलता की उड़ान थे। कहानी यह सिखाती है कि चाहे दुश्मन कितना भी मायावी क्यों न हो, साहस और एकता से उसे परास्त किया जा सकता है। नागराज और परमाणु का भाईचारा भारतीय सुपरहीरो कहानियों की बड़ी उपलब्धि है।

अगर आप ऐसी कहानी पढ़ना चाहते हैं जिसमें बचपन की मासूमियत (पेंटिंग प्रतियोगिता) और ब्रह्मांडीय खतरे (शाकुरा) का संगम हो, तो ‘कयामत ‘ आपके लिए ही है। यह राज कॉमिक्स के प्रशंसकों के लिए एक ‘मस्ट-रीड’ (Must-read) है।

रेटिंग: 4.8/5

कयामत राज कॉमिक्स की वह यादगार क्रॉसओवर कहानी है जो ‘सूरमा’ के बाद शुरू हुई निरंतरता को आगे बढ़ाती है जहाँ नागराज और परमाणु की दोस्ती जादुई क्रेयॉन और प्रो-बॉट मिलकर भारतीय कॉमिक्स इतिहास की सबसे suspense-भरी महागाथा रचते हैं जादू बनाम विज्ञान का टकराव शाकुरा की जादुई साजिश
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