“प्रलयंकारी अजगर” मनोज कॉमिक्स की एक ऐसी रोमांच से भरपूर पेशकश है, जो सिर्फ मनोरंजन ही नहीं करती, बल्कि उस दौर के लेखन और चित्रांकन की अलग-अलग खूबियों को भी सामने लाती है। यह कहानी अंतरिक्ष के रहस्यों और धरती के वीर योद्धाओं के बीच एक अनोखा मेल बैठाती है, जो इसे खास बनाता है।
कथानक का प्रारंभ: अंतरिक्ष की उथल-पुथल
कहानी की शुरुआत पृथ्वी से हजारों प्रकाश वर्ष दूर बसे ग्रह ‘तपोसी’ से होती है। वहाँ का सम्राट ओसीका एक न्यायप्रिय और संतुलित शासक है, लेकिन दुर्भाग्य से उसका अपना ही सेनापति ‘संक्रातो’ गद्दारी पर उतर आता है। सत्ता और ताकत का लालच संक्रातो को इस हद तक अंधा कर देता है कि वह अपने ही सम्राट की हत्या की कोशिश करता है। यहाँ लेखक ने सत्ता के लालच जैसे इंसानी स्वभाव को अंतरिक्ष की पृष्ठभूमि में बड़ी खूबसूरती से पिरोया है।

जब सम्राट ओसीका पर हमला होता है, तो वह किसी तरह खतरे का सायरन बजाने में सफल हो जाते हैं। यह सायरन राजकुमारी टेपरसी को सतर्क कर देता है और वह तुरंत वहाँ पहुँचती है। वह अपनी आँखों से गद्दार संक्रातो को भागते हुए देखती है। इसी पल कहानी में एक अहम चीज़ का प्रवेश होता है, जिसे मैगफिन (MacGuffin) कहा जा सकता है—“महाशक्ति”। यह एक सतरंगा हीरा है, जिसके भीतर असीम शक्तियाँ छिपी हुई हैं। राजकुमारी टेपरसी इस हीरे को संक्रातो की ओर फेंकती है, ताकि उसे खत्म किया जा सके, लेकिन संक्रातो बच निकलता है। वह हीरा अंतरिक्ष की अनंत गहराइयों को पार करता हुआ सीधे पृथ्वी की ओर बढ़ जाता है।
बहु-ग्रहीय संकट और पृथ्वी का परिदृश्य
कहानी का यह हिस्सा खास तौर पर ध्यान खींचता है, क्योंकि यहाँ एक साथ कई ग्रहों के किरदारों को दिखाया गया है। कूका ग्रह का कंचूड़, शंडोला का बबोला, जीटर का जेन्टर और कांशा का कागन्डी—ये सभी उस महाशक्ति के पीछे-पीछे पृथ्वी की ओर बढ़ते हैं। यह पूरा दृश्य पाठकों के सामने एक बड़ा और भव्य चित्र खड़ा कर देता है, जहाँ साफ महसूस होता है कि अब पृथ्वी एक विशाल युद्ध का मैदान बनने वाली है।

जब वह हीरा पृथ्वी पर गिरता है, तो एक ज़बरदस्त धमाका होता है, जिससे पूरी धरती हिल जाती है। इसी भूकंप के साथ हमारे नायक ‘अजगर’ की एंट्री होती है। अजगर, जो अजगर लोक का निवासी है और महाबली शेरा का मित्र भी है, इस भूकंप की असली वजह जानने के लिए निकल पड़ता है।
नायक और सह-नायक का चित्रण

अजगर को एक ताकतवर और बेहद फुर्तीले नायक के रूप में दिखाया गया है। उसकी शारीरिक बनावट और लड़ने का अंदाज़ उसे बाकी नायकों से अलग पहचान देता है। उसके साथ महाबली शेरा का होना कहानी में एक तरह का क्रॉस-ओवर का मज़ा जोड़ देता है। मनोज कॉमिक्स में दो-दो नायकों को साथ दिखाना पहले से ही पाठकों के बीच काफी पसंद किया जाता रहा है।
कहानी में असली मोड़ तब आता है, जब संक्रातो पृथ्वी पर पहुँचकर उस महाशक्ति को हासिल कर लेता है। हीरे से निकलने वाली किरणों की मदद से वह न सिर्फ दूसरे ग्रहों के एजेंट्स को अपना गुलाम बना लेता है, बल्कि दिल्ली के अंडरवर्ल्ड डॉन ‘एंथोनी बुलवर्क’ के मुख्यालय पर भी कब्ज़ा कर लेता है। यहाँ विज्ञान-कथा और अपराध-कथा का ऐसा मिश्रण देखने को मिलता है, जो कहानी को और ज़्यादा रोमांचक बना देता है।
संघर्ष और प्रतिशोध

संक्रातो और उसके नियंत्रण में आए एजेंट्स अजगर लोक पर हमला कर देते हैं। इस भीषण हमले में अजगर के भाई, राजा विक्राल की मृत्यु हो जाती है। यह घटना कहानी में गहरी भावनात्मक परत जोड़ देती है। अब अजगर सिर्फ धरती को बचाने के लिए नहीं लड़ रहा, बल्कि अपने भाई के बलिदान का बदला लेने के लिए भी मैदान में उतर चुका है।
इसी दौरान राजकुमारी टेपरसी भी पृथ्वी पर पहुँचती है और अजगर व महाबली शेरा का साथ देती है। वह उन्हें आधुनिक तकनीक से बने हथियार और उपकरण देती है, जैसे पावर स्ट्रिप्स और कर्ण कुंडल, जो संक्रातो की महाशक्ति का सामना करने में उनकी मदद करते हैं। यह हिस्सा जादू बनाम तकनीक से ज़्यादा हाई-टेक गैजेट्स बनाम सुपरनेचुरल पावर जैसा अहसास कराता है, जो कहानी को और भी रोचक बना देता है।
चरित्र चित्रण (Character Analysis)

अजगर:
अजगर इस कहानी का असली केंद्र है। उसका साहस, ताकत और अपने लोक के प्रति निष्ठा उसे एक सच्चा महान योद्धा बनाती है। भाई की मृत्यु के बाद उसके भीतर जो क्रोध उठता है, उसके बावजूद वह अपना संयम नहीं खोता। गुस्से और समझदारी के बीच उसका संतुलन काबिले तारीफ लगता है और यही चीज़ उसे एक परिपक्व नायक बनाती है।
संक्रातो:
संक्रातो एक क्लासिक किस्म का विलेन है। वह बेहद घमंडी है और जैसे ही उसे अपार शक्ति मिलती है, वह बाकी सभी को तुच्छ समझने लगता है। उसका यही अहंकार आखिरकार उसके पतन की वजह बनता है। यह किरदार साफ तौर पर दिखाता है कि ताकत जब विवेक के बिना आती है, तो विनाश तय होता है।
राजकुमारी टेपरसी:
टेपरसी सिर्फ एक मूक दर्शक नहीं है, बल्कि एक वैज्ञानिक सोच रखने वाली समझदार योद्धा है। वह हालात को समझती है और सही समय पर सही फैसला लेती है। उसकी बुद्धिमानी और तकनीकी समझ ही अंत में अजगर की जीत की सबसे बड़ी कुंजी बनती है।
महाबली शेरा:
महाबली शेरा एक सच्चे और वफादार दोस्त की भूमिका निभाता है। वह हर मुश्किल में अजगर के साथ खड़ा रहता है। उसकी मौजूदगी युद्ध के दृश्यों में अतिरिक्त जोश और जान डाल देती है, जिससे एक्शन और भी दमदार लगता है।
कला और चित्रांकन (Art and Visuals)

विजय कदम और आत्माराम पुंड का चित्रांकन इस कॉमिक्स की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। अंतरिक्ष के दृश्य, अलग-अलग ग्रहों के अजीब और डरावने प्राणी, और तेज़-तर्रार एक्शन सीन बहुत ही जीवंत तरीके से उकेरे गए हैं। संक्रातो के सतरंगे हीरे से निकलने वाली किरणों का चित्रण उस समय की प्रिंटिंग तकनीक को देखते हुए काफी आकर्षक लगता है। पात्रों की मांसपेशियों की बनावट और उनके चेहरे के भाव, खासकर गुस्से और दर्द के भाव, पाठकों को कहानी से लगातार जोड़े रखते हैं।
संवाद और भाषा
कॉमिक्स की भाषा सरल होते हुए भी असरदार है। “हरामजादे!”, “बौटी-बौटी काट दूंगा”, “यमराज के पास भेज दूंगा” जैसे संवाद उस दौर की फिल्मों और कॉमिक्स की पहचान माने जाते थे। ये डायलॉग्स बच्चों और किशोर पाठकों के भीतर एक अलग ही रोमांच और जोश भर देते थे।
समीक्षात्मक विश्लेषण (Critical Evaluation)

खूबियाँ:
कहानी की रफ्तार इतनी तेज़ है कि कहीं भी सुस्ती महसूस नहीं होती। एक के बाद एक घटने वाली घटनाएँ पाठक को अंत तक बाँधे रखती हैं। इस कॉमिक्स की सबसे बड़ी खूबी इसकी विविधता है, जहाँ स्पेस ओपेरा, जंगल एडवेंचर और अर्बन क्राइम—तीनों का मज़ा एक साथ मिलता है। इसके साथ ही, भाई की मौत का बदला लेने वाला भावनात्मक पहलू कहानी में गहराई जोड़ता है और पाठकों को नायक के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ देता है।
कमियां:
विलेन का इतनी जल्दी हार मान लेना कहानी की गंभीरता को थोड़ा कम कर देता है। इतने सारे शक्तिशाली ग्रहों के एजेंट्स को जिस तेज़ी से हराया गया है, उस टकराव को और लंबा व चुनौतीपूर्ण बनाया जा सकता था। इसके अलावा, कहानी में कुछ जगह तर्क की कमी भी महसूस होती है—जैसे नायक का अंतरिक्ष से सीधे दिल्ली के पास एक किले में गिरना और सभी मुख्य पात्रों का तुरंत वहीं इकट्ठा हो जाना थोड़ा ज़्यादा ही सुविधाजनक लगता है। हालांकि फैंटेसी कहानियों की अपनी सीमाएँ होती हैं, इसलिए इसे एक रचनात्मक छूट के तौर पर भी देखा जा सकता है।
निष्कर्ष
“प्रलयंकारी अजगर” सिर्फ एक कॉमिक्स नहीं, बल्कि कल्पना की खुली उड़ान है। यह हमें याद दिलाती है कि भारतीय कॉमिक्स इंडस्ट्री में मौलिक और साहसी कहानियों की कभी कमी नहीं रही। यह कहानी सिर्फ अच्छाई की बुराई पर जीत नहीं दिखाती, बल्कि दोस्ती, बलिदान और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को भी सामने लाती है।
अजगर द्वारा अपने भाई का अंतिम संस्कार करना और राजकुमारी टेपरसी का अपने ग्रह वापस लौट जाना, कहानी को एक भावुक लेकिन गरिमापूर्ण अंत देता है। आज के डिजिटल दौर में भी यह कॉमिक्स उन दिनों की याद दिला देती है, जब कागज़ की खुशबू और रंगीन चित्र ही हमारी सबसे बड़ी दुनिया हुआ करते थे।
रेटिंग: 4.5/5
