Close Menu
  • Home
  • Comics
  • Featured
  • Hindi Comics World
  • Trending
  • Blog
  • Spotlight
  • International

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from Comics Bio about art, design and business.

What's Hot

सर्पयज्ञ: नागराज–तौसी महागाथा का सबसे खतरनाक अध्याय, जहाँ षड्यंत्र, यज्ञ और विनाश आमने-सामने

22 January 2026

Abheda Series: Conspiracy Review – King Comics’ Dark Fantasy of Politics, Power & Superhero Satire

22 January 2026

किंग कॉमिक्स की ‘अभेद सीरीज’: ‘षड्यंत्र’ से शुरू हुआ साजिशों, विज्ञान और सुपरहीरो का महायुद्ध

22 January 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
comicsbio.comcomicsbio.com
Subscribe
  • Home
  • Comics
  • Featured
  • Hindi Comics World
  • Trending
  • Blog
  • Spotlight
  • International
comicsbio.comcomicsbio.com
Home » जटायु और धरती पलट: 90 के दशक की वो मनोज कॉमिक्स जिसने अमर विलेन की परिभाषा बदल दी
Editor's Picks Updated:10 December 2025

जटायु और धरती पलट: 90 के दशक की वो मनोज कॉमिक्स जिसने अमर विलेन की परिभाषा बदल दी

जटायु और धरती पलट: उस अमर दुश्मन को कैसे मारा जाए जो हर बार ज़मीन छूते ही ज़िंदा हो जाता है?
ComicsBioBy ComicsBio10 December 2025Updated:10 December 202509 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Reddit Email
जटायु और धरती पलट समीक्षा | अमर दुश्मन को जटायु ने आखिर कैसे हराया?
जटायु और धरती पलट के बीच अमरता को चुनौती देती निर्णायक लड़ाई
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

90 का दशक भारतीय कॉमिक्स की दुनिया का असली सुनहरा दौर माना जाता है। उसी समय मनोज कॉमिक्स ने पाठकों को ऐसे-ऐसे नायक दिए, जो आज भी याद किए जाते हैं। ये नायक सिर्फ ताकतवर ही नहीं थे, बल्कि उनके कारनामे भी कमाल के होते थे। इन्हीं नायकों में एक बड़ा नाम था—जटायु। जटायु कोई आम हीरो नहीं, बल्कि एक महाबली योद्धा था। वह तलवार चलाने में माहिर था, उसके साथ हमेशा उसका वफादार शेर ‘सिंहराज’ रहता था और वह अक्सर राजा-रानियों, राक्षसों और जादूगरों से भरी दुनिया में न्याय के लिए लड़ता दिखाई देता था।

आज जिस कॉमिक्स की हम बात कर रहे हैं, उसका नाम है—“जटायु और धरती पलट”। नाम सुनते ही अंदाज़ा लग जाता है कि कहानी किसी बेहद खतरनाक दुश्मन के इर्द-गिर्द घूमने वाली है, जिसके पास धरती को ही पलट देने की ताकत है। लेखक पपिन्दर जुनेजा और चित्रकार ए.एम.जी. की जोड़ी ने इस कॉमिक्स में फैंटेसी और रोमांच को बहुत अच्छे ढंग से पेश किया है, जिससे कहानी शुरू से अंत तक बांधे रखती है।

कथानक (Storyline): प्रतिशोध की आग और अमरत्व का वरदान

कहानी की शुरुआत पाताल लोक से होती है, जो उस दौर की कॉमिक्स का एक जाना-पहचाना और पसंदीदा हिस्सा रहा है। यहाँ हम विषासुर नाम के राक्षस की पत्नी दुमक-दुम्मा को रोते-बिलखते हुए देखते हैं। वह अपने भाई, दैत्यराज धरती पलट के पास पहुँचती है और उससे बदला लेने की गुहार लगाती है। दुमक-दुम्मा बताती है कि पृथ्वी लोक के एक वीर योद्धा जटायु ने उसके पति विषासुर को मार डाला है और उसे विधवा बना दिया है।

यहीं से हमें कहानी के मुख्य खलनायक धरती पलट से सही मायनों में परिचय मिलता है। वह पाताल लोक का राजा है, बेहद ताकतवर है और उसका स्वभाव काफी क्रूर है। अपनी बहन के आँसू देखकर वह जटायु से बदला लेने की कसम खा लेता है। इसी दौरान धरती पलट के छोटे भाई ‘अंटशंट’ की एंट्री होती है, जो कहानी में थोड़ा हास्य का तड़का लगाता है। अंटशंट अपनी बेवकूफी भरी बातों से माहौल हल्का करने की कोशिश करता है, लेकिन धरती पलट का गुस्सा उसे तुरंत चुप करा देता है।

इसके बाद दृश्य बदलता है और हम पृथ्वी लोक में पहुँचते हैं, जहाँ जटायु ‘कवच नगर’ को डाकू जग्गा के आतंक से बचा रहा होता है। यहाँ जटायु की बहादुरी खुलकर सामने आती है। वह अकेले ही पूरे डाकू गिरोह का सफाया कर देता है। तभी उसे खबर मिलती है कि कुंदन नगर में सेठ जगत नारायण का घर आग की चपेट में आ गया है। जटायु बिना समय गंवाए वहाँ पहुँचता है और अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाता है।

असली रोमांच तब शुरू होता है जब धरती पलट खुद पृथ्वी पर आ जाता है। जटायु और धरती पलट आमने-सामने होते हैं। जटायु अपनी तलवार के एक ही ज़ोरदार वार से धरती पलट की गर्दन काट देता है। इस पल पर पाठक को लगता है कि कहानी यहीं खत्म हो गई, लेकिन यहीं से असली मोड़ आता है। धरती पलट मरता नहीं है, बल्कि दोबारा ज़िंदा हो जाता है।

इस कॉमिक्स की सबसे बड़ी ताकत इसका खलनायक है। धरती पलट को एक खास वरदान मिला हुआ है, जो हमें भारतीय पौराणिक कथाओं के रक्तबीज जैसे असुरों की याद दिलाता है। जब तक उसका शरीर धरती यानी पृथ्वी को छूता रहेगा, उसे मारा नहीं जा सकता। जैसे ही वह मरता है और धरती के संपर्क में आता है, वह फिर से जीवित हो उठता है और उसकी ताकत पहले से दोगुनी हो जाती है। अपने नाम को सही साबित करते हुए, वह गुस्से में कीर्ति नगर की पूरी जमीन को उखाड़कर पलट देता है, जिससे चारों तरफ भारी तबाही मच जाती है।

जटायु बार-बार धरती पलट को मारने की कोशिश करता है, लेकिन हर बार वह जिंदा हो जाता है। इसी संघर्ष के दौरान जटायु और उसका शेर सिंहराज पानी में गिर जाते हैं। तब जटायु को समझ आता है कि यहाँ सिर्फ ताकत से काम नहीं चलेगा, बल्कि दिमाग लगाना पड़ेगा। इसी बीच देव नगर की राजकुमारी नेहा शिकार के लिए जंगल में आती है, जहाँ धरती पलट उसे अगवा करने की कोशिश करता है।

आगे चलकर जटायु की मुलाकात मृगांग ऋषि से होती है। ऋषि जटायु को धरती पलट की अमरता का पूरा रहस्य बताते हैं। वे समझाते हैं कि जब तक धरती पलट का शरीर धरती के संपर्क में रहेगा, वह अजेय रहेगा। उसे मारने का एक ही तरीका है—उसे धरती से अलग करना।

कहानी में सस्पेंस उस वक्त और बढ़ जाता है, जब धरती पलट अपनी मायावी शक्तियों से अपने कई प्रतिरूप यानी क्लोन बना लेता है। अब जटायु के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि असली दुश्मन कौन-सा है। मदद के लिए वह देवलोक जाता है, जहाँ उसे कई अजीब और खतरनाक बाधाओं का सामना करना पड़ता है, जैसे नकली प्रहरी और राक्षसी चींटी मसल आदि।

आखिरकार जटायु को समझ में आ जाता है कि असली धरती पलट वही है जो पीछे हट रहा है। इसके बाद एक जबरदस्त और भीषण युद्ध होता है। जटायु अपनी ‘समय शक्ति’ और तेज़ दिमाग का इस्तेमाल करते हुए धरती पलट पर ऐसा जोरदार हमला करता है कि वह आकाश में उछल जाता है। इससे पहले कि धरती पलट वापस जमीन पर गिर पाए, जटायु हवा में ही उसके चिथड़े उड़ा देता है। इस तरह उसका धरती से संपर्क टूट जाता है और आखिरकार उसका अंत हो जाता है।

पात्र विश्लेषण (Character Analysis)

जटायु (The Hero):
जटायु का किरदार एक आदर्श भारतीय सुपरहीरो जैसा है। वह पूरी तरह निस्वार्थ है—चाहे बात डाकुओं से लड़ने की हो या फिर आग में फँसे बेगुनाह लोगों को बचाने की। जटायु के पास कोई हाई-टेक या सुपर-साइंटिफिक गैजेट्स नहीं हैं। उसकी असली ताकत उसकी तलवार, उसका वफादार शेर सिंहराज और उसकी समझदारी है। इस कॉमिक्स में जटायु को सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ता है। जब उसे एहसास होता है कि सिर्फ ताकत से काम नहीं बनेगा, तब वह ऋषियों से मार्गदर्शन लेता है। यह बात उसके स्वभाव की विनम्रता और समझदारी को अच्छे से दिखाती है।

धरती पलट (The Villain):
धरती पलट मनोज कॉमिक्स के सबसे यादगार खलनायकों में गिना जा सकता है। उसका लुक—हरा शरीर, गले में खोपड़ियों की माला और हाथ में विशाल गदा—उसे एकदम क्लासिक राक्षस जैसा बनाता है। उसकी शक्ति, यानी धरती को पलट देने की क्षमता, बेहद अलग और खतरनाक है। उसका घमंड ही आखिरकार उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बनता है। वह सिर्फ क्रूर ही नहीं है, बल्कि उसे थोड़ा ‘फ्लर्टी’ भी दिखाया गया है, खासकर जब वह राजकुमारी नेहा को देखकर मोहित हो जाता है। यह उस दौर के विलेन की एक आम लेकिन दिलचस्प खासियत थी।

राजकुमारी नेहा:
नेहा का किरदार पूरी तरह ‘डैमसेल इन डिस्ट्रेस’ यानी संकट में फँसी नायिका वाला है। हाँ, वह शिकार के लिए जंगल में जाती है, जो उसकी हिम्मत दिखाता है, लेकिन आखिर में उसे बचाने के लिए जटायु पर ही निर्भर रहना पड़ता है। कहानी के अंत में उसका जटायु से प्रेम जताना और जटायु का वहाँ से चुपचाप भाग जाना, एक हल्का-फुल्का और मजेदार पल पैदा करता है।

अंटशंट और दुमक-दुम्मा:
अंटशंट का रोल छोटा है, लेकिन काफी मनोरंजक है। वह धरती पलट की बेरहमी के बीच थोड़ा संतुलन बनाता है। वहीं दुमक-दुम्मा पूरी कहानी की शुरुआत करने वाली कड़ी है। उसी के बदले की भावना के कारण पूरा घटनाक्रम आगे बढ़ता है, इसलिए वह कहानी की उत्प्रेरक (Catalyst) मानी जा सकती है।

चित्रांकन और कला पक्ष (Artwork & Visuals)

चित्रकार ए.एम.जी. का काम पूरी तरह उस दौर की कॉमिक्स स्टाइल के अनुसार है।

रंग संयोजन: इस कॉमिक्स में चटक और गहरे रंगों का खुलकर इस्तेमाल किया गया है। राक्षसों के लिए हरे और लाल रंग, जटायु के लिए सादा लेकिन वीर दिखने वाली पोशाक, और बैकग्राउंड में पीले व नीले रंग कहानी को जीवंत बनाते हैं।

एक्शन दृश्य: लड़ाई के सीन काफी तेज और प्रभावशाली हैं। खास तौर पर पेज 23 का ‘खून की बारिश’ वाला सीन और पेज 7 पर धरती पलटने वाला दृश्य बहुत दमदार तरीके से दिखाया गया है। खून की बारिश और लोगों के गलने का असर थोड़ा डरावना (Gore) है, लेकिन यही कहानी की गंभीरता को और मजबूत करता है।

पात्रों की बनावट: राक्षसों के चेहरे के हाव-भाव, खासकर उनके हँसने और गुस्सा होने वाले भाव, बहुत अच्छे ढंग से बनाए गए हैं, जिससे उनके किरदार और भी असरदार लगते हैं।

लेखन और संवाद (Writing & Dialogue)

पपिन्दर जुनेजा की लेखन शैली सीधी, तेज और बिना घुमावदार है। कहानी कहीं भी धीमी या उबाऊ नहीं लगती।

संवाद काफी नाटकीय हैं और सीधे असर करते हैं। जैसे—“मैं तुझे ऐसी मौत दूंगा कि दुनिया याद रखेगी!” या “ठहरो भैया! ही… ही… ही…!”। ऐसे संवाद 90 के दशक की रामसे ब्रदर्स की हॉरर फिल्मों की याद दिलाते हैं। कहानी बहुत तेजी से आगे बढ़ती है। पाताल लोक से पृथ्वी, फिर जंगल और फिर देवलोक तक की यात्रा बिना रुके चलती रहती है। घटनाओं का क्रम काफी कसा हुआ है।

कहानी के अंत में जटायु का यह कहना कि “मुझे जादूगर हुड़दंगा से मिलना है” और नेहा का “नमस्ते” कहना, शानदार कॉमिक टाइमिंग दिखाता है। इससे साफ होता है कि जटायु एक घुमक्कड़ किस्म का नायक है, जो किसी रिश्ते में बँधना नहीं चाहता।

समीक्षात्मक निष्कर्ष (Critical Verdict)

सकारात्मक पक्ष (Pros):
‘धरती पलट’ नाम और उसकी शक्ति—जमीन को पलट देना—बहुत ही रचनात्मक और नया आइडिया है। उसकी अमरता की शर्त, यानी धरती को छूना, कहानी में एक मजबूत और तार्किक चुनौती पैदा करती है। उस समय के हिसाब से कॉमिक्स में एक्शन भरपूर है। खून की नदियाँ बहना और गर्दन कटने जैसे दृश्य इसे बच्चों के साथ-साथ किशोर पाठकों के लिए भी रोमांचक बनाते हैं। पूरी कहानी शुद्ध मनोरंजन है। इसमें कोई भारी-भरकम दर्शन नहीं, बस अच्छाई की बुराई पर जीत है, जो पाठक को संतुष्टि देती है।

नकारात्मक पक्ष (Cons):
कुछ जगहों पर तर्क की कमी खटकती है। जैसे, जब जटायु देवलोक जाता है तो राक्षस वहाँ कैसे पहुँच जाते हैं? देवलोक की सुरक्षा इतनी कमजोर क्यों दिखाई गई है? इसके अलावा राजकुमारी नेहा का किरदार काफी रूढ़िवादी लगता है। वह ज़्यादातर चीखने-चिल्लाने और जटायु के बचाने का इंतजार करने तक ही सीमित है।

निष्कर्ष:

“जटायु और धरती पलट” मनोज कॉमिक्स की एक शानदार पेशकश है। यह हमें उस समय में ले जाती है, जब कहानियाँ सीधी-सादी होती थीं, लेकिन रोमांच अपने चरम पर होता था। अगर आप पुरानी हिंदी कॉमिक्स के शौकीन हैं, तो यह कॉमिक आपको बिल्कुल भी निराश नहीं करेगी। इसमें फैंटेसी, जादू, तलवारबाजी और राक्षसों की दुनिया का पूरा मसाला मौजूद है।

खासतौर पर इसका क्लाइमेक्स बहुत संतोषजनक है, जहाँ जटायु सिर्फ ताकत के दम पर नहीं, बल्कि अपनी बुद्धि से दुश्मन को हराता है। कहानी का अंत अगले भाग “जादूगर हुड़दंगा” के लिए उत्सुकता भी जगा देता है।

रेटिंग: 4/5 (मनोरंजन और नॉस्टैल्जिया के लिए)

90 के दशक की यादगार हिंदी कॉमिक्स अमर विलेन धरती पलट क्लासिक इंडियन कॉमिक्स रिव्यू तलवार और फैंटेसी आधारित कहानियाँ मनोज कॉमिक्स का जटायु
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
ComicsBio
  • Website

Related Posts

सर्पयज्ञ: नागराज–तौसी महागाथा का सबसे खतरनाक अध्याय, जहाँ षड्यंत्र, यज्ञ और विनाश आमने-सामने

22 January 2026 Don't Miss Updated:22 January 2026

किंग कॉमिक्स की ‘अभेद सीरीज’: ‘षड्यंत्र’ से शुरू हुआ साजिशों, विज्ञान और सुपरहीरो का महायुद्ध

22 January 2026 Hindi Comics World Updated:22 January 2026

राज कॉमिक्स ‘ब्रह्मांड योद्धा’: अंतर-आकाशगंगा युद्ध और सुपरहीरो का महाकाव्य

21 January 2026 Hindi Comics World
Add A Comment

Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Interesting Ways to Read Free Online Comics

2 September 2025

Deadliest Female Villains in Raj Comics: A Clash with Nagraj

11 September 2024

Kali Mirch Chacha: Master Marksman and Doga’s Mentor in Black Paper Art

11 September 2024

Read Free Online Comics: Your Ultimate Guide to Digital Comic Reading

30 August 2025
Don't Miss

सर्पयज्ञ: नागराज–तौसी महागाथा का सबसे खतरनाक अध्याय, जहाँ षड्यंत्र, यज्ञ और विनाश आमने-सामने

By ComicsBio22 January 2026

‘सर्पसत्र’ श्रृंखला की शुरुआत ‘सर्पसत्र’ से हुई थी, जिसने पाठकों को एक ऐसे भविष्य में…

Abheda Series: Conspiracy Review – King Comics’ Dark Fantasy of Politics, Power & Superhero Satire

22 January 2026

किंग कॉमिक्स की ‘अभेद सीरीज’: ‘षड्यंत्र’ से शुरू हुआ साजिशों, विज्ञान और सुपरहीरो का महायुद्ध

22 January 2026

Sarpayagya Review: When Nagraj Is Trapped Between Illusion and Death, and Tausi Walks Into a Trap That Can Destroy Everything

21 January 2026
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from Comics Bio about art & design.

About Us
About Us

Welcome to ComicsBio, your one-stop shop for a colorful universe of cartoons, movies, anime, and feature articles!

Email Us: info@comicsbio.com

Our Picks

सर्पयज्ञ: नागराज–तौसी महागाथा का सबसे खतरनाक अध्याय, जहाँ षड्यंत्र, यज्ञ और विनाश आमने-सामने

22 January 2026

Abheda Series: Conspiracy Review – King Comics’ Dark Fantasy of Politics, Power & Superhero Satire

22 January 2026

किंग कॉमिक्स की ‘अभेद सीरीज’: ‘षड्यंत्र’ से शुरू हुआ साजिशों, विज्ञान और सुपरहीरो का महायुद्ध

22 January 2026
Most Popular

Interesting Ways to Read Free Online Comics

2 September 2025

Deadliest Female Villains in Raj Comics: A Clash with Nagraj

11 September 2024

Kali Mirch Chacha: Master Marksman and Doga’s Mentor in Black Paper Art

11 September 2024
comicsbio.com
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About Us
  • Terms
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • FAQ
© 2026 comicsbio

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.