Close Menu
  • Home
  • Comics
  • Featured
  • Hindi Comics World
  • Trending
  • Blog
  • Spotlight
  • International

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from Comics Bio about art, design and business.

What's Hot

“Main Banunga Khalnayak” – जब प्रचंड राज ने खुद को बना लिया खलनायक | Comics Review

25 January 2026

“I Will Become a Villain” – When Prachanda Raj Turned into the Greatest Villain | Raj Comics’ Shocking Twist

25 January 2026

Serpkal Review: The Epic Finale That United Nagraj & Tausi in Indian Comics History

25 January 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
comicsbio.comcomicsbio.com
Subscribe
  • Home
  • Comics
  • Featured
  • Hindi Comics World
  • Trending
  • Blog
  • Spotlight
  • International
comicsbio.comcomicsbio.com
Home » “Main Banunga Khalnayak” – जब प्रचंड राज ने खुद को बना लिया खलनायक | Comics Review
Hindi Comics World Updated:25 January 2026

“Main Banunga Khalnayak” – जब प्रचंड राज ने खुद को बना लिया खलनायक | Comics Review

पांच शक्तियों वाला हीरो, दानवों की प्रतियोगिता, धोखे से भरा प्रेम और एक ऐसा अंत जिसने 90s के पाठकों को हिला दिया।
ComicsBioBy ComicsBio25 January 2026Updated:25 January 202607 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Reddit Email
Main Banunga Khalnayak Comic Review | Prachanda Raj Turns Villain | Raj Comics Classic
पांच शक्तियों वाला नायक, जिसने लालच के ताज के आगे झुककर खुद को सबसे बड़ा खलनायक घोषित कर दिया।
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

‘प्रचंडा’ राज कॉमिक्स के उन शुरुआती और चुनिंदा नायकों में से एक हैं, जिनके शरीर में पाँच महान शक्तियों के होने की बात मानी जाती है। आज जिस कॉमिक की हम बात कर रहे हैं, उसका नाम है— “मैं बनूंगा खलनायक”। यह कॉमिक सिर्फ अपनी तेज़ रफ्तार और रोमांच से भरी कहानी के लिए ही नहीं, बल्कि अपने उस चौंकाने वाले अंत के लिए भी जानी जाती है, जिसने अपने दौर के पाठकों को सच में हिला कर रख दिया था।

कहानी का विन्यास और पृष्ठभूमि:

कहानी की शुरुआत होती है ‘भूकंप देश’ नाम के एक राज्य से, जहाँ अचानक डर और तबाही का माहौल बनने लगता है। इस कॉमिक की सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहाँ खलनायकों को सीधे नहीं, बल्कि एक तरह की ‘प्रतियोगिता’ के ज़रिये सामने लाया गया है। गुरु ‘उलट-पलट’ नाम का एक चालाक तांत्रिक और राक्षसों का गुरु एक खतरनाक योजना बनाता है। उसका मकसद है पूरी धरती पर राक्षसों का राज कायम करना। लेकिन इस राज को चलाने के लिए उसे एक ऐसे राक्षस की जरूरत है, जो सबका सरदार बने—एक महा-खलनायक।

गुरु उलट-पलट एलान करता है कि जो भी राक्षस अपनी ताकत और क्रूरता सबसे ज़्यादा साबित करेगा, उसे ‘खलनायक’ की उपाधि दी जाएगी और दिव्य शक्तियों से भरा एक खास ‘ताज’ पहनाया जाएगा। बस यहीं से कहानी असली रफ्तार पकड़ लेती है। एक के बाद एक भयानक राक्षस इस प्रतियोगिता में उतरते हैं और हालात और भी डरावने होते चले जाते हैं।

खलनायकों का परिचय और आतंक:

इस कॉमिक में खलनायकों को जिस तरह दिखाया गया है, वह पूरी तरह फिल्मी और डर पैदा करने वाला है।

जुबालू एक नीला राक्षस है, जो दो विशाल सांडों पर सवार होकर आता है। इसकी बेरहमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह अब तक हज़ारों निर्दोष लोगों को मार चुका है। उसका लक्ष्य साफ है—हर हाल में सबसे बड़ा खलनायक बनना।

हलकारा के पास एक बहुत बड़ा ‘हल’ जैसा हथियार है, जिससे वह ज़मीन तक को चीर सकता है और बड़े-बड़े दरवाज़े एक ही वार में तोड़ देता है।

कछोट एक ऐसा राक्षस है, जिसका शरीर कछुए की तरह सख्त है। उस पर किसी भी हथियार का कोई असर नहीं होता, और यही बात उसे और भी खतरनाक बना देती है।

ये सभी राक्षस ‘भूकंप देश’ की सीमाओं पर हमला कर देते हैं। राजा भूकंपताल खुद को पूरी तरह असहाय महसूस करने लगते हैं और अपने राज्य को बचाने के लिए संघर्ष करते हैं। ऐसे हालात में कहानी में नायक ‘प्रचंडा’ की धमाकेदार एंट्री होती है।

प्रचंडा का आगमन और संघर्ष:

प्रचंडा अपनी जबरदस्त ताकत और न्याय के लिए मशहूर है, और वह इस तबाही को रोकने के लिए आगे बढ़ता है। कॉमिक के बीच के हिस्से में प्रचंडा और राक्षसों के बीच जबरदस्त लड़ाइयाँ दिखाई गई हैं। हर लड़ाई में प्रचंडा को सिर्फ ताकत ही नहीं, बल्कि दिमाग भी लगाना पड़ता है।

प्रचंडा और हलकारा की लड़ाई खास तौर पर बहुत रोमांचक है। हलकारा अपनी भारी-भरकम ताकत से प्रचंडा को दबाने की कोशिश करता है, लेकिन प्रचंडा अपनी फुर्ती और युद्ध कौशल से उसे मात दे देता है। इसी तरह, कछोट जैसा अजेय दिखने वाला राक्षस भी आखिरकार प्रचंडा के सामने टिक नहीं पाता, और उसकी हार पाठकों के भीतर जोश भर देती है।

कहानी में ट्विस्ट और चकोरी का किरदार:

इस कहानी की असली जान इसके किरदारों के बीच छिपे रहस्य में है। रास्ते में प्रचंडा की मुलाकात ‘कोमलंगी’ नाम की एक खूबसूरत युवती से होती है, जो खुद को अदृश्य नगर की राजकुमारी बताती है। वह कहती है कि राक्षसों ने उससे उसका दिव्य ताज छीन लिया है। प्रचंडा, जैसा कि एक सच्चे नायक से उम्मीद होती है, उसकी मदद करने का वादा कर लेता है।

लेकिन यहीं पर लेखक कहानी में ज़बरदस्त चाल चलता है। महर्षि ‘शापदेउ’ से जुड़ा एक प्रसंग आता है, जिसमें वे एक पत्थर की मूर्ति को स्त्री का रूप देते हैं—और यही स्त्री चकोरी होती है। असल में कोमलंगी कोई पीड़ित राजकुमारी नहीं, बल्कि चकोरी ही उसका भेष धरकर प्रचंडा को भ्रमित कर रही होती है। वह गुरु उलट-पलट की शिष्या है और उसका असली मकसद प्रचंडा को उस दिव्य ताज तक पहुँचाना है, ताकि राक्षसों की योजना पूरी हो सके।

क्लाइमेक्स और मनोवैज्ञानिक बदलाव:

कहानी का सबसे ज़्यादा असर डालने वाला हिस्सा वही है, जब प्रचंडा आखिरकार गुरु उलट-पलट के अड्डे तक पहुँच जाता है। रास्ते में आने वाली हर रुकावट को पार करते हुए वह अंत में उस जादुई ताज तक पहुँच जाता है। इस मोड़ पर पाठकों को पूरा भरोसा होता है कि अब प्रचंडा या तो इस ताज को राजकुमारी को लौटा देगा, या फिर इसे नष्ट करके बुराई का अंत कर देगा।

लेकिन यहीं से कहानी अचानक एक डरावना मोड़ ले लेती है। वह ताज असल में ‘बुराई का प्रतीक’ होता है। चकोरी की मीठी बातों में आकर और ताज की जादुई चमक से प्रभावित होकर, जैसे ही प्रचंडा उसे अपने सिर पर रखता है, उसके अंदर का नायक मानो खत्म हो जाता है और एक नए ‘खलनायक’ का जन्म हो जाता है।

अंतिम पन्नों में प्रचंडा की आँखों में जो चमक दिखाई देती है और चेहरे पर जो क्रूर मुस्कान उभरती है, वह किसी भी सच्चे नायक के लिए सोचना भी मुश्किल है। वह ज़ोर से चिल्लाता है—“मैं हूँ खलनायक!”। चकोरी अपनी चाल में पूरी तरह कामयाब हो जाती है और एक महान नायक को सबसे बड़े खलनायक में बदल देती है।

कला और चित्रांकन (Artwork):

प्रताप मुल्लिक (Pratap Mullick) जी का चित्रांकन इस कॉमिक की असली ताकत है। उनके बनाए हुए पात्रों की शारीरिक बनावट, खास तौर पर प्रचंडा की उभरी हुई मांसपेशियाँ और राक्षसों के डरावने चेहरे, कहानी को ज़िंदा कर देते हैं। जुबालू के सांडों का दौड़ना हो या हलकारा का विशाल हल घुमाना—हर फ्रेम में एक्शन और गति साफ महसूस होती है।

रंगों का इस्तेमाल भी उस दौर के हिसाब से बिल्कुल सटीक है। खलनायकों के लिए गहरे और चटक रंगों का प्रयोग उन्हें और भी डरावना और प्रभावशाली बना देता है। संवाद लिखने की शैली (लेटरिंग) भी बहुत साफ है, जिससे पाठक कहानी से जुड़े रहते हैं और कहीं भी ध्यान भटकता नहीं।

समीक्षात्मक विश्लेषण:

“मैं बनूंगा खलनायक” सिर्फ एक सीधी-सादी एक्शन कॉमिक नहीं है, बल्कि यह सत्ता और लालच के असर को भी गहराई से दिखाती है। यह साफ संदेश देती है कि अगर एक महान इंसान भी गलत संगत और गलत आकर्षण, यानी इस ताज जैसे लालच में फँस जाए, तो उसका गिरना तय है।

पात्र चित्रण:
गुरु उलट-पलट का किरदार एक क्लासिक ‘पल्प फिक्शन’ विलेन की तरह सामने आता है—चालाक, रहस्यमय और खतरनाक। वहीं चकोरी का पात्र यह सिखाता है कि हर चमकने वाली चीज भरोसे के लायक नहीं होती। प्रचंडा का पतन पाठकों के मन में एक साथ दुख भी पैदा करता है और हैरानी भी।

गति:
कहानी की रफ्तार बहुत तेज़ है। सिर्फ ३१ पन्नों के अंदर लेखक ने कई ज़बरदस्त लड़ाइयाँ, एक नकली प्रेम कहानी (छलावा) और एक बड़ा रहस्योद्घाटन बेहद अच्छे ढंग से समेट दिया है।

शीर्षक की सार्थकता:

शुरुआत में ऐसा लगता है कि शायद जुबालू या हलकारा में से कोई कहेगा—“मैं बनूंगा खलनायक”, लेकिन कहानी के अंत में यही लाइन नायक के मुँह से कहलवाना लेखक की एक शानदार मास्टरस्ट्रोक चाल साबित होती है।

निष्कर्ष:

राज कॉमिक्स की यह रचना आज भी उतनी ही रोमांचक लगती है, जितनी अपने समय में थी। यह कॉमिक हमें यह समझाती है कि बुराई सिर्फ बाहर के राक्षसों में नहीं होती, बल्कि वह एक ‘ताज’ यानी अहंकार और शक्ति के रूप में हमारे भीतर भी घुस सकती है।

अगर आप क्लासिक भारतीय कॉमिक्स के शौकीन हैं और ऐसी कहानी पढ़ना चाहते हैं जिसका अंत पारंपरिक “हैप्पी एंडिंग” न होकर एक ज़ोरदार क्लिफहेंजर हो, तो “मैं बनूंगा खलनायक” आपके कलेक्शन में जरूर होनी चाहिए। यह कॉमिक सिर्फ मनोरंजन नहीं करती, बल्कि नायक और खलनायक के बीच की उस बेहद पतली रेखा को भी दिखाती है, जो सत्ता के लालच में अक्सर मिट जाती है।

रेटिंग: ४.५/५

Raj Comics की यह ऐतिहासिक कॉमिक “Main Banunga Khalnayak” Prachanda Raj के चरित्र पतन और भारतीय कॉमिक्स के सबसे यादगार क्लाइमेक्स को दर्शाती है। शक्ति और लालच की मनोवैज्ञानिक लड़ाई
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
ComicsBio
  • Website

Related Posts

सर्पकाल समीक्षा: नागराज और तौसी की ऐतिहासिक जंग का महाकाव्यपूर्ण अंत | Raj Comics Sarpasatra Finale Review

25 January 2026 Don't Miss

आख़िरी श्रृंखला: ‘ब्रह्मांड विखंडन’ – जब राज कॉमिक्स का पूरा ब्रह्मांड टूटने लगा

24 January 2026 Hindi Comics World

सर्पयुग: नागराज और तौसी की महागाथा, जहाँ प्रेम, षड्यंत्र और विनाश एक ही युद्धभूमि पर टकराते हैं

24 January 2026 Hindi Comics World
Add A Comment

Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Interesting Ways to Read Free Online Comics

2 September 2025

Deadliest Female Villains in Raj Comics: A Clash with Nagraj

11 September 2024

Kali Mirch Chacha: Master Marksman and Doga’s Mentor in Black Paper Art

11 September 2024

Read Free Online Comics: Your Ultimate Guide to Digital Comic Reading

30 August 2025
Don't Miss

“Main Banunga Khalnayak” – जब प्रचंड राज ने खुद को बना लिया खलनायक | Comics Review

By ComicsBio25 January 2026

‘प्रचंडा’ राज कॉमिक्स के उन शुरुआती और चुनिंदा नायकों में से एक हैं, जिनके शरीर…

“I Will Become a Villain” – When Prachanda Raj Turned into the Greatest Villain | Raj Comics’ Shocking Twist

25 January 2026

Serpkal Review: The Epic Finale That United Nagraj & Tausi in Indian Comics History

25 January 2026

सर्पकाल समीक्षा: नागराज और तौसी की ऐतिहासिक जंग का महाकाव्यपूर्ण अंत | Raj Comics Sarpasatra Finale Review

25 January 2026
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from Comics Bio about art & design.

About Us
About Us

Welcome to ComicsBio, your one-stop shop for a colorful universe of cartoons, movies, anime, and feature articles!

Email Us: info@comicsbio.com

Our Picks

“Main Banunga Khalnayak” – जब प्रचंड राज ने खुद को बना लिया खलनायक | Comics Review

25 January 2026

“I Will Become a Villain” – When Prachanda Raj Turned into the Greatest Villain | Raj Comics’ Shocking Twist

25 January 2026

Serpkal Review: The Epic Finale That United Nagraj & Tausi in Indian Comics History

25 January 2026
Most Popular

Interesting Ways to Read Free Online Comics

2 September 2025

Deadliest Female Villains in Raj Comics: A Clash with Nagraj

11 September 2024

Kali Mirch Chacha: Master Marksman and Doga’s Mentor in Black Paper Art

11 September 2024
comicsbio.com
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About Us
  • Terms
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • FAQ
© 2026 comicsbio

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.