Close Menu
  • Home
  • Comics
  • Featured
  • Hindi Comics World
  • Trending
  • Blog
  • Spotlight
  • International

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from Comics Bio about art, design and business.

What's Hot

सर्पयज्ञ: नागराज–तौसी महागाथा का सबसे खतरनाक अध्याय, जहाँ षड्यंत्र, यज्ञ और विनाश आमने-सामने

22 January 2026

Abheda Series: Conspiracy Review – King Comics’ Dark Fantasy of Politics, Power & Superhero Satire

22 January 2026

किंग कॉमिक्स की ‘अभेद सीरीज’: ‘षड्यंत्र’ से शुरू हुआ साजिशों, विज्ञान और सुपरहीरो का महायुद्ध

22 January 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
comicsbio.comcomicsbio.com
Subscribe
  • Home
  • Comics
  • Featured
  • Hindi Comics World
  • Trending
  • Blog
  • Spotlight
  • International
comicsbio.comcomicsbio.com
Home » Balcharit Series – Part 2 : Flashback | बचपन की यादें, सम्मोहन और हंटर्स के सबसे खतरनाक खेल
Hindi Comics World Updated:28 November 2025

Balcharit Series – Part 2 : Flashback | बचपन की यादें, सम्मोहन और हंटर्स के सबसे खतरनाक खेल

सुपर कमांडो ध्रुव का अब तक का सबसे भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक संघर्ष — बचपन की यादें, सम्मोहन, एक्शन और टूटते-बिखरते रिश्तों के बीच चलती रफ्तारभरी कहानी।
ComicsBioBy ComicsBio23 November 2025Updated:28 November 2025010 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Reddit Email
Flashback Balcharit Series Part-2 Review | Super Commando Dhruva vs Hunters & Gill-Gill | Full Comic Breakdown
Flashback ध्रुव को सिर्फ दुश्मनों से नहीं, बल्कि अपने अतीत, दर्द और टूटी हुई यादों से लड़ता हुआ दिखाती है — और यही इसे एक भावनात्मक मास्टरपीस बनाता है।
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

“फ्लैशबैक” का कवर्स पेज ही इस कहानी की गंभीरता बता देता है। कवर पर ध्रुव रस्सियों में बंधा दिखाया गया है और पीछे एक बहुत बड़ा जादुई चेहरा (गिली-गिली) और बाकी विलेन दिखाई दे रहे हैं। कहानी वहीं से शुरू होती है जहाँ पिछली कॉमिक ‘हंटर्स’ खत्म हुई थी। ध्रुव एक भावनात्मक तूफ़ान में फंसा हुआ है—उसकी बहन श्वेता (चंडिका) कोमा में है, उसके पिता (कमिश्नर) उससे नाराज़ हैं, और पूरी दुनिया में मशहूर अपराधी गैंग ‘हंटर्स’ उसके पीछे पड़ा हुआ है। अनुपम सिन्हा ने इस कॉमिक में सिर्फ जबरदस्त एक्शन ही नहीं दिया, बल्कि ध्रुव के मन के अंदर चल रहे संघर्ष और बचपन की उन यादों को भी छुआ है, जिन्होंने उसे आज का ‘सुपर कमांडो’ बनाया है।

विस्तृत कथानक (Detailed Plot Summary)

कहानी दो अलग-अलग समय पर चलती है — वर्तमान और अतीत।

वर्तमान का संघर्ष:
कहानी की शुरुआत डॉकयार्ड (शिपयार्ड) से होती है, जहाँ ध्रुव हंटर्स गिरोह के एक बड़े सदस्य, जादूगर ‘गिली-गिली’ से भिड़ रहा है। गिली-गिली सम्मोहन (Hypnotism) का मास्टर है। वह ध्रुव को अपने बस में करने की कोशिश करता है ताकि वह उस “कंटेनर” की जानकारी निकाल सके जिसे हंटर्स ढूंढ रहे हैं। यहाँ पाठकों को दिमाग से खेलने वाला एक शानदार मनोवैज्ञानिक युद्ध देखने को मिलता है। गिली-गिली ध्रुव के दिमाग में घुसकर उसे मतिभ्रम (hallucinations) में फंसा देता है — कभी आग की नदी, कभी बहुत बड़ा मकड़ियों का जाल।

यहीं पर कॉमिक का नाम “फ्लैशबैक“ असली मतलब दिखाता है। सम्मोहन से निकलने के लिए ध्रुव अपने बचपन की यादों (फ्लैशबैक) में जाता है। उसे याद आता है कि जुपिटर सर्कस के जादूगर ‘पाशा‘ ने बचपन में उसे सिखाया था कि दिमाग में एक सुरक्षित जगह बनाओ जहाँ कोई भी मानसिक हमला असर न कर सके। इसी याद की मदद से ध्रुव अपने दिमाग को बर्फ जैसा शांत कर लेता है और गिली-गिली का हमला बेअसर हो जाता है।

नताशा (ब्लैक कैट) की एंट्री:
लड़ाई के दौरान अचानक नताशा (ब्लैक कैट) की एंट्री कहानी को और रोमांचक बना देती है। नताशा और ध्रुव का रिश्ता हमेशा से थोड़ा मीठा-थोड़ा तुनक-तुनक वाला रहा है। वह ध्रुव की मदद करने आती है, लेकिन अपने स्टाइल में। वह हंटर्स की रोबोटिक महिला और गोरिल्ला से लड़ जाती है। बाद में पता चलता है कि वह गोरिल्ला कोई साधारण जानवर नहीं, बल्कि जुपिटर सर्कस का उनका पुराना साथी ‘किंग’ है, जिसे अब हंटर्स ने अपने नियंत्रण में कर लिया है। अपने ही पुराने दोस्त को दुश्मन की तरह देखकर ध्रुव अंदर से और भी टूट जाता है।

कानूनी चालें और रहस्य:
एक्शन के बीच कहानी अचानक नया मोड़ लेती है। एक वकील और एक आदमी (जो खुद को जैकब अंकल का बेटा बताता है) पुलिस और ध्रुव के सामने अचानक आ जाते हैं। वे दावा करते हैं कि जुपिटर सर्कस के मलबे और उस कंटेनर पर असली हक उनका है। इसके सपोर्ट में DNA रिपोर्ट भी मैच हो जाती है। यह ध्रुव के लिए बड़ा सदमा होता है क्योंकि ध्रुव हमेशा मानता आया था कि जुपिटर सर्कस का असली वारिस वह अकेला है।

क्लाइमेक्स और ‘नो मैन्स लैंड’:
कहानी का अंत एक बड़े रहस्य और नए खतरनाक विलेन ‘वक्र’ के आने के साथ होता है। ध्रुव को अहसास होता है कि वह पूरी तरह से एक जाल में फँस चुका है, और कहानी उसे एक ऐसी जगह ले जा रही है जहाँ कदम रखना मौत को बुलाने जैसा है — जिसे ‘नो मैन्स लैंड’ कहा जाता है।

पात्र विश्लेषण (Character Analysis)

सुपर कमांडो ध्रुव:
इस कॉमिक में ध्रुव शारीरिक रूप से थका हुआ दिखता है, लेकिन मानसिक रूप से टूटना नामुमकिन है। अनुपम सिन्हा ने उसकी सबसे बड़ी ताकत — उसकी इच्छाशक्ति — को खुद कहानी का हीरो बना दिया है। गिली-गिली चाहे जितना दिमाग पर हमला करता है, ध्रुव उसका मुकाबला डटकर करता है। यही बात साबित करती है कि भले ही उसके पास कोई सुपरपावर नहीं है, लेकिन उसका दिमाग किसी सुपरपावर से कम नहीं। अपने परिवार (श्वेता और कमिश्नर) की चिंता उसे और भी मानवीय और भावुक बना देती है।

गिली-गिली (मुख्य विलेन):
राज कॉमिक्स के विलेन की भीड़ में गिली-गिली सच में अलग और यादगार है। वह सिर्फ लड़ाई नहीं करता, वह इंसान के दिमाग और डर के साथ खेलता है। उसका लुक, उसका बोलने का अंदाज़ और उसका कॉन्फिडेंस उसे डरावना और दिलचस्प दोनों बनाते हैं। लेकिन अंत में उसका ओवरकॉन्फिडेंस ही उसकी हार की वजह बनता है — वह ध्रुव की मानसिक ताकत को कम समझ लेता है।

नताशा:
नताशा इस कॉमिक का असली “सीन-चुराने वाला” किरदार है। उसका एक्शन, उसके डायलॉग्स और उसका एटीट्यूड बहुत तेज़ और दमदार है। वह ध्रुव की मदद भी करती है, और ज़रूरत पड़ने पर उसे सच्चाई का आईना भी दिखाती है। दोनों की ट्यूनिंग और समझदारी वाली केमिस्ट्री बहुत परिपक्व और शानदार दिखाई गई है।

कमिश्नर राजन मेहरा:
कमिश्नर का रोल एक ऐसे पिता का है जो गुस्से में अपने बेटे से दूर हो गया है, लेकिन अंदर-ही-अंदर उसे अपने फैसले पर पछतावा हो रहा है। ‘हंटर्स’ में उन्होंने ध्रुव पर नाराज़गी जताई थी, लेकिन इस कॉमिक के अंत तक उन्हें अपनी गलती का अहसास हो जाता है। पिता और बेटे के रिश्ते में आई दूरी और उसे भरने की कोशिश बहुत खूबसूरती से दिखाई गई है।

कला और चित्रांकन (Art and Illustrations)

अनुपम सिन्हा का आर्टवर्क हमेशा की तरह कमाल का है। इस कॉमिक में कई ऐसे सीन हैं जिनका ज़िक्र करना ज़रूरी है क्योंकि उन्होंने कहानी के असर को और ज़्यादा बढ़ा दिया है।

सम्मोहन के दृश्य (Page 18–22): जब गिली-गिली ध्रुव को सम्मोहित करता है, तो उन पन्नों का लेआउट और इस्तेमाल किए गए रंग लाजवाब हैं। ध्रुव की आँख का क्लोज़-अप, उसके अंदर चल रहा डर, भ्रम और मानसिक तूफ़ान — सब कुछ इतनी बारीकी से बनाया गया है कि पाठक खुद उस जाल में फँसा हुआ महसूस करता है।

फ्लैशबैक सीन्स: जब कहानी अतीत यानी जुपिटर सर्कस के समय में जाती है, तो पैनलों के बॉर्डर और रंगों का टोन थोड़ा बदल जाता है ताकि पाठक तुरंत समझ सके कि कहानी बचपन वाली दुनिया में पहुँच चुकी है। छोटे ध्रुव और पाशा अंकल के सीन बेहद भावुक और दिल छू लेने वाले हैं।

एक्शन कोरियोग्राफी: डॉकयार्ड का लड़ाई वाला हिस्सा तो सीधा सिनेमाई लगता है। कंटेनरों के ऊपर छलांग लगाता ध्रुव, रस्सियों की मदद से हवा में लड़ाई — सब फ्रेम बेहद डायनेमिक हैं। स्पीड लाइन्स का इस्तेमाल लड़ाई की रफ्तार को महसूस कराने में बहुत असरदार है।

किंग (गोरिल्ला): गोरिल्ला के चेहरे के हाव-भाव खास ध्यान खींचते हैं — चाहे वह गुस्से में दहाड़ रहा हो या अपने बीते हुए दिनों को याद करते हुए थोड़ा उलझा हुआ लगे, कलाकार की पकड़ और अनुभव साफ दिखाई देता है।

कथा और संवाद (Storytelling and Dialogue)

अनुपम सिन्हा की लिखावट की सबसे बड़ी खूबी है उनका रिसर्च और चीजों को लॉजिक के साथ पेश करना। भले ही यह एक सुपरहीरो कॉमिक है, लेकिन कहानी में सब कुछ सोच-समझकर रखा गया है।

उदाहरण के लिए — ध्रुव का सम्मोहन से बच निकलना किसी चमत्कार की तरह नहीं दिखाया गया, बल्कि बचपन की ट्रेनिंग का नतीजा समझाया गया है। यह छोटी-सी बात कहानी को और ज़्यादा असली और मजबूत बनाती है।

संवाद (Dialogues) भी बहुत ताकतवर हैं। गिली-गिली की बातों में एक थियेट्रिकल ड्रामा है — जैसे वह सामने वाले को डराकर मानसिक रूप से गिरा देना चाहता हो। वहीं ध्रुव के डायलॉग्स संतुलित, गंभीर और अपने फैसलों को लेकर पक्के दिखते हैं।

भावनाओं की गहराई भी कहानी में शानदार तरीके से पेश की गई है — खास कर पेज 57–60 में, जब वकील ध्रुव से जुपिटर सर्कस और संपत्ति पर उसके हक़ को चुनौती देता है। यह हिस्सा दिखाता है कि एक सुपरहीरो भी कभी-कभी कानून और समाज के नियमों के आगे कितना असहाय महसूस कर सकता है।

विषयगत विश्लेषण (Thematic Analysis)

अतीत का महत्व (Power of the Past):
“फ्लैशबैक” का सबसे गहरा संदेश यही है कि हमारा अतीत हमें बनाता है। ध्रुव आज जो है, वह अपने अनुभव, अपने रिश्तों और अपने बचपन में मिली सीख के कारण है। अतीत कभी दर्द देता है — जैसे हंटर्स का हमला — लेकिन वही अतीत उसे सुरक्षा और मजबूत बनकर खड़े रहने की क्षमता भी देता है — जैसे पाशा अंकल की सीख।

परिवार का अर्थ:
कॉमिक एक बड़ा सवाल उठाती है — परिवार किसे कहते हैं? क्या सिर्फ खून का रिश्ता सब कुछ होता है (जैसा कमिश्नर ने गुस्से में कहा था) या असली परिवार वो लोग होते हैं जो मुश्किल वक्त में आपके साथ खड़े रहें, चाहे रिश्ता खून का न भी हो — जैसे जुपिटर सर्कस के लोग और अब नताशा। ध्रुव का पूरा संघर्ष इसी सवाल के जवाब को ढूंढने जैसा है।

तकनीक बनाम मानव मस्तिष्क:
हंटर्स के पास टेक्नोलॉजी का समंदर है — रोबोट्स, ड्रोन, मेमोरी-स्कैन मशीन, साइबर लड़ाका — लेकिन ध्रुव के पास है इंसानी दिमाग और उसके अंदर की असीम इच्छाशक्ति। कॉमिक का बड़ा संदेश यही है कि सही वक्त पर दिमाग और जज्बा कई बार किसी मशीन से भी ज़्यादा ताकतवर साबित होता है।

आलोचनात्मक दृष्टिकोण (Critical Perspective)

सकारात्मक पक्ष (Pros):
तेज़ रफ्तार (Pacing):
90+ पन्नों की कॉमिक होते हुए भी कहानी एक सेकंड के लिए भी सुस्त नहीं पड़ती। हर पेज पर कुछ नया होता है और पाठक लगातार कहानी में डूबा रहता है।
सस्पेंस: लेखक आखिरी तक कंटेनर के रहस्य और हंटर्स के असली मकसद को छुपाकर रखता है, जिससे कहानी और रोमांचक बनती है।
चरित्र विकास: सिर्फ ध्रुव ही नहीं, बल्कि ब्लैक कैट और हंटर्स के किरदारों को भी समझने और बढ़ने का मौका दिया गया है।

नकारात्मक पक्ष (Cons):
कहानी की जटिलता:
नए पाठकों के लिए, खासकर जिन्होंने ‘हंटर्स’ नहीं पढ़ी है या जो ध्रुव के बचपन वाली कहानी (बालचरित) से परिचित नहीं हैं, उन्हें शुरू में सब समझना थोड़ा मुश्किल लग सकता है। कहानी में एक साथ कई घटनाएँ और कई किरदार चलते रहते हैं।

विलेन की भीड़:
हंटर्स गैंग में विलेन की संख्या काफी ज़्यादा है — गिली-गिली, उलूक, रोबो-गर्ल और कई दूसरे। कभी-कभी ऐसा महसूस होता है कि इतने सारे खलनायकों के कारण किसी एक को पूरी तरह चमकने का मौका नहीं मिला। हालांकि गिली-गिली ने अपनी मौजूदगी और दमदार अंदाज़ से इस कमी को काफी हद तक पूरा किया, फिर भी पाठक के दिमाग में “मुख्य विलेन कौन है” वाला सवाल थोड़ा बना रहता है।

क्लिफहेंजर:
क्योंकि यह एक लंबी शृंखला का हिस्सा है, इसलिए कहानी आखिर में अधूरी रह जाती है और सीधे अगले भाग — “नो मैन्स लैंड” — की तरफ ले जाती है। जो पाठक पूरी कहानी एक ही बार में पढ़ना पसंद करते हैं, उनके लिए यह थोड़ा निराशाजनक हो सकता है। लेकिन दूसरी तरफ, यह अधूरापन इतना दिलचस्प है कि अगला भाग पढ़ने की बेचैनी भी बढ़ा देता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

“फ्लैशबैक” राज कॉमिक्स और अनुपम सिन्हा की उपलब्धियों की सूची में एक और शानदार रत्न है। यह कॉमिक सिर्फ एक्शन के लिए नहीं, बल्कि उस गहरी और परतदार कहानी के लिए पढ़ी जानी चाहिए जो एक सुपरहीरो के दिमाग और दिल दोनों को खोलकर सामने रखती है।

यह कॉमिक एक बात बहुत खूबसूरती से याद दिलाती है — ध्रुव के पास न सुपरमैन वाली ताकत है, न बैटमैन जैसी दौलत। लेकिन उसके पास जो है, वही असली सुपरपावर है — कभी हार न मानने वाला जज़्बा और बेहद तेज, अनुशासित दिमाग।

अनुपम सिन्हा ने एक्शन और इमोशन को यहाँ इतनी सलीके से मिलाया है कि दोनों के बीच एकदम सही बैलेंस बनता है। अतीत की यादें जिस तरह वर्तमान की मुश्किलों का हल बनकर लौटती हैं, वह लेखन की परिपक्वता और अनुभव दोनों को दिखाता है।

रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐✨ (4.5/5 स्टार्स)

किसे पढ़नी चाहिए?

सुपर कमांडो ध्रुव के पक्के प्रशंसकों के लिए तो यह बिल्कुल अनिवार्य कॉमिक है।

जिन पाठकों को दमदार कहानी के साथ बेहतरीन आर्टवर्क पसंद आता है।

जिन्हें सुपरहीरो कहानियों में सिर्फ मारकाट नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक गहराई और भावनात्मक स्तर पर टकराव देखने में मज़ा आता है।

अंतिम शब्द:

“फ्लैशबैक” ऐसी कॉमिक है जो आपको ध्रुव के बचपन वाली मासूम दुनिया से उठाकर सीधे हाई-टेक अपराध की खतरनाक दुनिया में पहुंचा देती है — और वह भी बिना कहानी की पकड़ ढीली किए। आखिरी पन्ना खत्म होते ही दिल में एक ही आवाज़ आती है —
“अब तो जल्दी से ‘नो मैन्स लैंड’ चाहिए!”
और यही एक शानदार, सफल कॉमिक की असली पहचान है।

फ्लैशबैक कॉमिक रिव्यू बालचरित सीरीज़ पार्ट 2 राज कॉमिक्स सुपर कमांडो ध्रुव
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
ComicsBio
  • Website

Related Posts

सर्पयज्ञ: नागराज–तौसी महागाथा का सबसे खतरनाक अध्याय, जहाँ षड्यंत्र, यज्ञ और विनाश आमने-सामने

22 January 2026 Don't Miss Updated:22 January 2026

किंग कॉमिक्स की ‘अभेद सीरीज’: ‘षड्यंत्र’ से शुरू हुआ साजिशों, विज्ञान और सुपरहीरो का महायुद्ध

22 January 2026 Hindi Comics World Updated:22 January 2026

राज कॉमिक्स ‘ब्रह्मांड योद्धा’: अंतर-आकाशगंगा युद्ध और सुपरहीरो का महाकाव्य

21 January 2026 Hindi Comics World
Add A Comment

Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Interesting Ways to Read Free Online Comics

2 September 2025

Deadliest Female Villains in Raj Comics: A Clash with Nagraj

11 September 2024

Kali Mirch Chacha: Master Marksman and Doga’s Mentor in Black Paper Art

11 September 2024

Read Free Online Comics: Your Ultimate Guide to Digital Comic Reading

30 August 2025
Don't Miss

सर्पयज्ञ: नागराज–तौसी महागाथा का सबसे खतरनाक अध्याय, जहाँ षड्यंत्र, यज्ञ और विनाश आमने-सामने

By ComicsBio22 January 2026

‘सर्पसत्र’ श्रृंखला की शुरुआत ‘सर्पसत्र’ से हुई थी, जिसने पाठकों को एक ऐसे भविष्य में…

Abheda Series: Conspiracy Review – King Comics’ Dark Fantasy of Politics, Power & Superhero Satire

22 January 2026

किंग कॉमिक्स की ‘अभेद सीरीज’: ‘षड्यंत्र’ से शुरू हुआ साजिशों, विज्ञान और सुपरहीरो का महायुद्ध

22 January 2026

Sarpayagya Review: When Nagraj Is Trapped Between Illusion and Death, and Tausi Walks Into a Trap That Can Destroy Everything

21 January 2026
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from Comics Bio about art & design.

About Us
About Us

Welcome to ComicsBio, your one-stop shop for a colorful universe of cartoons, movies, anime, and feature articles!

Email Us: info@comicsbio.com

Our Picks

सर्पयज्ञ: नागराज–तौसी महागाथा का सबसे खतरनाक अध्याय, जहाँ षड्यंत्र, यज्ञ और विनाश आमने-सामने

22 January 2026

Abheda Series: Conspiracy Review – King Comics’ Dark Fantasy of Politics, Power & Superhero Satire

22 January 2026

किंग कॉमिक्स की ‘अभेद सीरीज’: ‘षड्यंत्र’ से शुरू हुआ साजिशों, विज्ञान और सुपरहीरो का महायुद्ध

22 January 2026
Most Popular

Interesting Ways to Read Free Online Comics

2 September 2025

Deadliest Female Villains in Raj Comics: A Clash with Nagraj

11 September 2024

Kali Mirch Chacha: Master Marksman and Doga’s Mentor in Black Paper Art

11 September 2024
comicsbio.com
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About Us
  • Terms
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • FAQ
© 2026 comicsbio

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.