Close Menu
  • Home
  • Comics
  • Featured
  • Hindi Comics World
  • Trending
  • Blog
  • Spotlight
  • International

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from Comics Bio about art, design and business.

What's Hot

Yosho and Operation Red Line: What Lies Beyond Dead Line?

22 June 2026

क्या नागराज का बड़ा भाई जिंदा है? रक्त पर्व का खौफनाक सच!

22 June 2026

Mahanagayan Part 2 Rakta Parv Review: Is This Raj Comics’ Best Story Ever?

20 June 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
comicsbio.comcomicsbio.com
Subscribe
  • Home
  • Comics
  • Featured
  • Hindi Comics World
  • Trending
  • Blog
  • Spotlight
  • International
comicsbio.comcomicsbio.com
Home » बांकेलाल: नायक जो बनना चाहता है विलेन — ‘ये जो है बांकेलाल’ कॉमिक्स की हँसी और रोमांच की दुनिया
Editor's Picks

बांकेलाल: नायक जो बनना चाहता है विलेन — ‘ये जो है बांकेलाल’ कॉमिक्स की हँसी और रोमांच की दुनिया

राज कॉमिक्स की क्लासिक सीरीज में बांकेलाल की चालाकी, राजा विक्रम सिंह की भोली-भाली वीरता और 90 के दशक का हास्य-खजाना
ComicsBioBy ComicsBio7 April 202607 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Reddit Email
ये जो है बांकेलाल | Raj Comics की मजेदार और क्लासिक हास्य कॉमिक्स
बांकेलाल की मासूमियत और चालाकी की दुनिया में खो जाइए! राजा विक्रम सिंह की भोली-भाली वीरता और बांकेलाल की मजेदार हरकतें इस कॉमिक्स को बनाती हैं हर उम्र के लिए मनोरंजक।
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

राज कॉमिक्स के इतिहास में बांकेलाल एक ऐसा नायक है जो असल में नायक नहीं, बल्कि एक ‘विलेन’ बनना चाहता है। ‘ये जो है बांकेलाल’ इस श्रृंखला की ऐसी कड़ी है जो हमें विशालगढ़ के उस अनोखे संसार में ले जाती है, जहाँ हर बुराई आखिर में किस्मत के खेल से भलाई में बदल जाती है। बांकेलाल की जलन और राजा विक्रम सिंह की भोली-भाली वीरता के बीच का टकराव ही इस कॉमिक्स की असली जान है।

‘ये जो है बांकेलाल’ के कवर पेज पर नजर डालते ही चित्रकार बेदी की खास शैली का अहसास होता है, जिसने बांकेलाल सीरीज को अलग पहचान दी। कवर पर बांकेलाल को एक डरावनी हालत में दिखाया गया है, जहाँ एक सींगों वाला हरा राक्षस उसके गले में सांप का फंदा डाल रहा है। बांकेलाल के चेहरे पर पसीने की बूंदें, डरी हुई आँखें और शरीर की मुद्रा उसके डर को साफ दिखाती हैं। पीछे जलती हुई मशालें और उबलती हुई तिलिस्मी कड़ाही डर का माहौल बनाती हैं, लेकिन बांकेलाल का कार्टून जैसा लुक इस डर को तुरंत मज़ाक में बदल देता है। कवर पर लाल, पीले और हरे रंगों का चटक इस्तेमाल बच्चों का ध्यान खींचता है। हवा में उड़ता खंजर और कड़ाही से निकलता धुआँ दृश्य को और ज़्यादा जीवंत बनाते हैं।

समंदर की लहरें और बांकेलाल के खौफनाक मंसूबे

कहानी की शुरुआत समुद्री यात्रा के अंत से होती है। पाँच लंबी यात्राओं के बाद राजा विक्रम सिंह अपने प्यारे राज्य विशालगढ़ लौट रहे हैं। जहाँ राजा अपनी प्रजा से मिलने के लिए बेचैन हैं, वहीं बांकेलाल सोच रहा है कि काश जहाज डूब जाए और वह अकेला बचकर राजा बन जाए। क्या बांकेलाल की यह समुद्री चाल सफल होगी, या समंदर की लहरें उसके लिए नया मोड़ लेकर आएँगी?

‘पतंगमारखां‘ का आतंक: क्या ककड़ी से मरेगा राक्षस?

बीच रास्ते में जब राजा विक्रम सिंह बचपन की याद में पतंग उड़ाने लगते हैं, तभी उनका सामना होता है खतरनाक राक्षस ‘पतंगमारखां’ से। यहाँ बांकेलाल एक चाल चलता है जो उस पर ही भारी पड़ सकती थी। जब वह राजा से राक्षस को लकड़ी से मारने को कहता है, तो राजा सुनने में गलती कर बैठते हैं और लकड़ी को ककड़ी समझ लेते हैं। यही गलती ऐसा मज़ेदार दृश्य बनाती है कि पाठक हँसी रोक नहीं पाते। क्या एक साधारण ‘ककड़ी’ इतने बड़े राक्षस को खत्म कर पाएगी?

‘गुलिस्तान‘ का रहस्यमयी आमंत्रण: एक नया जाल या नई मुसीबत?

राक्षस से पीछा छूटते ही बांकेलाल और राजा का सामना ‘गुलिस्तान’ नगर के सेनापति से होता है। उड़नखटोले पर बैठकर वे एक ऐसे राज्य में पहुँचते हैं, जिसके बारे में उन्होंने कभी सुना भी नहीं था। यहाँ से कहानी नया मोड़ लेती है। गुलिस्तान के राजा ढाल सिंह का बांकेलाल और विक्रम सिंह का स्वागत करना, क्या आने वाले किसी बड़े खतरे का संकेत है?

राजा ढाल सिंह के ‘बहुगुणा‘ भतीजे: एक दर्जन जुड़वा बच्चों का शोर

गुलिस्तान नगर की सबसे बड़ी परेशानी है राजा ढाल सिंह के भाई के ‘दर्जन भर’ जुड़वां बच्चे। इन बच्चों को ‘बहुगुणा’ कहा जाता है। इन शरारती बच्चों का उत्पात और उनके बीच फंसे राजा विक्रम सिंह की हालत कॉमिक्स में शानदार हास्य पैदा करती है। बांकेलाल इन बच्चों का इस्तेमाल विक्रम सिंह को रास्ते से हटाने के लिए कैसे करता है, यह देखना दिलचस्प बन जाता है।

राजकुमार तलवार सिंह: एक तीर से दो शिकार का ‘अजीब‘ शौक

कहानी का एक और मज़ेदार पात्र है राजकुमार तलवार सिंह। वह खुद को महान शिकारी मानता है और दावा करता है कि वह एक तीर से दो शिकार करता है। लेकिन उसके इस दावे के पीछे की सच्चाई क्या है? जब तलवार सिंह शिकार पर निकलता है और बांकेलाल अपना दिमाग लगाता है, तो पूरी स्थिति गलतफहमियों की कॉमेडी में बदल जाती है।

राजकुमारी नैनकटारी और बांकेलाल का नया ‘प्लान‘

जहाँ तलवार सिंह शिकार में व्यस्त है, वहीं राजकुमारी नैनकटारी का प्रवेश कहानी में नया रंग भर देता है। बांकेलाल हमेशा की तरह यहाँ भी रिश्तों की राजनीति शुरू करता है, ताकि विक्रम सिंह को मुसीबत में फँसा सके। क्या बांकेलाल की ये चालें उसे विशालगढ़ का सिंहासन दिला पाएँगी?

बेदी का बेमिसाल चित्रांकन: रंगों में ढला हास्य

इस कॉमिक्स की समीक्षा कलाकार बेदी की बात के बिना अधूरी है। बांकेलाल का चित्रण बहुत ही बारीकी से किया गया है। बेदी ने बांकेलाल को ‘धूर्त नायक’ के रूप में दिखाने के लिए उसके चेहरे के भावों पर खास ध्यान दिया है। उसकी छोटी मूंछें, पीछे मुड़ी चोटी और गोल चेहरा उसे विदूषक जैसा बनाते हैं। इस अंक में बांकेलाल के गुलाबी और लाल कपड़े विशालगढ़ के शाही अंदाज़ को दिखाते हैं। बेदी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे बांकेलाल की चालाकी को उसकी आँखों की चमक और तिरछी मुस्कान से दिखा देते हैं। जब वह विक्रम सिंह के खिलाफ योजना बनाता है, तो उसके चेहरे के भाव तुरंत बदल जाते हैं। उसके गिरने-पड़ने वाले दृश्य और शरीर की लचक उसे कार्टून जैसा जीवंत बना देते हैं।

रंगसज्जा और प्रकाश प्रभाव: संजय विसपुते की कलात्मक समझ

संजय विसपुते की रंगसज्जा (Coloring) ने बेदी के स्केच में जान डाल दी है। पात्रों के कपड़ों के रंग उनकी प्रकृति के हिसाब से चुने गए हैं। चुड़ैल के लिए मटमैले और हल्के डरावने रंगों का इस्तेमाल उसके नकारात्मक रूप को दिखाता है, जबकि बांकेलाल और राजा के लिए चटक रंगों का प्रयोग किया गया है। तिलिस्मी शक्तियों के सामने आने पर जो ‘ग्लो इफेक्ट’ और रोशनी की किरणें दिखाई गई हैं, वह रंगों की बेहतरीन समझ को दिखाती हैं।

पन्नों के बैकग्राउंड में अक्सर हल्के नीले या नारंगी रंगों का इस्तेमाल किया गया है, ताकि मुख्य दृश्य और पात्र साफ उभरकर सामने आएं। बेदी का पैनल डिजाइन भी काफी गतिशील है, जहाँ वे कई बार पैनल की सीमाओं को तोड़कर चित्रों को इस तरह फैलाते हैं कि पाठक की नजर आसानी से एक दृश्य से दूसरे दृश्य पर चली जाती है और कहानी का प्रवाह बना रहता है।

मीनू वाही का लेखन: संवादों का जादू

मीनू वाही ने इस कहानी को जिस तरह से लिखा है, वह काबिले तारीफ है। संवाद छोटे, तेज और हल्के व्यंग्य से भरे हुए हैं। खासकर बांकेलाल के मन में चलने वाले विचार, जो वह ‘मोटे’ यानी राजा विक्रम सिंह के बारे में सोचता रहता है, पाठकों को शुरुआत से अंत तक जोड़े रखते हैं।

क्या बांकेलाल कभी सफल होगा? भाग्य का क्रूर मजाक

पूरी कॉमिक्स में बांकेलाल बार-बार कोशिश करता है कि विक्रम सिंह को नुकसान पहुँचे, लेकिन हर बार किस्मत उसका खेल बिगाड़ देती है। इस कॉमिक्स का अंत भी इसी विचार पर आधारित है—”कर बुरा तो हो भला”। बांकेलाल के लिए यही सबसे बड़ी सजा बन जाती है कि वह जिसका बुरा चाहता है, उसी का भला हो जाता है।

निष्कर्ष: क्यों पढ़ें ‘ये जो है बांकेलाल‘?

यह कॉमिक्स हमें दिखाती है कि ईर्ष्या और नकारात्मक सोच का अंत अक्सर मज़ेदार और हास्यास्पद होता है। यह 90 के दशक की उन यादों को ताज़ा करती है, जब 6 रुपये की ये पतली-सी कॉमिक्स हमें घंटों तक हँसाती और खुश रखती थीं। अगर आप तनाव से दूर होकर बांकेलाल की उस क्लासिक दुनिया में लौटना चाहते हैं, जहाँ तर्क से ज्यादा जादू और कॉमेडी चलती है, तो यह कॉमिक्स आपके लिए एक ‘मस्ट रीड’ है।

बांकेलाल का यह सफर सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि बचपन की उस मासूमियत की वापसी है, जहाँ हम एक ‘विलेन’ की हार पर नहीं, बल्कि उसकी मजेदार हरकतों पर खुलकर हँसते थे।

ये जो है बांकेलाल Raj Comics की क्लासिक कॉमिक्स है जिसमें नायक बांकेलाल अपनी विलेन वाली चालाकी से राजा विक्रम सिंह को परेशान करता है हास्य और रोमांच दोनों भरपूर हैं
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
ComicsBio
  • Website

Related Posts

क्या माया का जादू भोकाल और कोबी को बना देगा दुश्मन?

15 June 2026 Hindi Comics World Updated:15 June 2026
8.0

क्या ध्रुव ने सच में एलियन को हराया था, या ‘शह और मात’ में छिपा था राज कॉमिक्स का सबसे बड़ा दिमागी धोखा?

7 June 2026 Hindi Comics World Updated:7 June 2026
9.0

आखिर क्यों नागराज को पागलखाने पहुंचने का खतरा पैदा हो गया था?

6 June 2026 Hindi Comics World Updated:6 June 2026
Add A Comment

Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Interesting Ways to Read Free Online Comics

2 September 2025

Deadliest Female Villains in Raj Comics: A Clash with Nagraj

11 September 2024

Read Free Online Comics: Your Ultimate Guide to Digital Comic Reading

30 August 2025

Badass Female of Indian Comics: More Than Just Sidekicks

11 May 2025
Don't Miss

Yosho and Operation Red Line: What Lies Beyond Dead Line?

By ComicsBio22 June 2026

This is a story of Tulsi Comics’ most unique and powerful superhero, ‘Yosho’, which takes…

क्या नागराज का बड़ा भाई जिंदा है? रक्त पर्व का खौफनाक सच!

22 June 2026

Mahanagayan Part 2 Rakta Parv Review: Is This Raj Comics’ Best Story Ever?

20 June 2026

क्या माया का जादू भोकाल और कोबी को बना देगा दुश्मन?

15 June 2026
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from Comics Bio about art & design.

About Us
About Us

Welcome to ComicsBio, your one-stop shop for a colorful universe of cartoons, movies, anime, and feature articles!

Email Us: info@comicsbio.com

Our Picks

Yosho and Operation Red Line: What Lies Beyond Dead Line?

22 June 2026

क्या नागराज का बड़ा भाई जिंदा है? रक्त पर्व का खौफनाक सच!

22 June 2026

Mahanagayan Part 2 Rakta Parv Review: Is This Raj Comics’ Best Story Ever?

20 June 2026
Most Popular

Interesting Ways to Read Free Online Comics

2 September 2025

Deadliest Female Villains in Raj Comics: A Clash with Nagraj

11 September 2024

Read Free Online Comics: Your Ultimate Guide to Digital Comic Reading

30 August 2025
comicsbio.com
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About Us
  • Terms
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • FAQ
© 2026 comicsbio

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.